डोंगामहुआ जिंदल पॉवर प्लांट के गेट पर चक्कजाम एवं ग्रामीणों अधिकार की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन



ग्राम पंचायत कोड़केल (डोंगामहुआ) ग्रामीणों को देनी होगी वादे के मुताबिक सुविधा और रोजगार, ग्रामीण जिंदल पॉवर प्लांट के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं रोड़ जाम नवीन जिंदल को उसके किए गए वादे एवं पक्की जुबान से मुकर जाने और ट्रकों, ट्रेलरों की हाई स्पीड पर रोक लगाने की बात को लेकर आज नविन जिंदल के गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल को अंजाम की शुरुआत दिया गया जब तक नवीन जिंदल किए गए वादे को पूरा नहीं करता तब तक ग्रामवासी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहने का विचार ठाना है!
ग्रामीणों के मुताबिक,सभी को जिंदल में रोजगार दिलाने की बात कही गई थी, उसके पश्चात ग्रामीणों को अच्छी सुविधा मुहैया कराया जाने का बात कहा गया था, गांव को गोद लेने की बात कही गई थी,ताकि गांव में आने वाली सभी परेशानियों का दाइत्व नवीन जिंदल का होना था,
ग्रामीणों को होने वाली परेशानी :-
ग्रामीणों के अनुसार ब्लास्टिंग में घर गिर रहा है, खपरा टूट रहा है,गांव के 2 ही लोग को जिंदल में ड्यूटी दिया गया है,गांव में नल नहीं है, तालाब का पानी सूखा पड़ा है,स्कूल में डस्ट के कारण बच्चों को होती हैं खाने पिने और पढ़ाई में परेशानी, ग्रामीण का भविष्य बनाने का किया था वादा अब बदल गया उसका इरादा !! तमनार से (डोंगामहुआ) गाड़ी का लिमिट प्रति घंटा 20 किलोमीटर होना चाहिए,ओवर लोड बंद, डाला कटिंग, कंपनी के हिसाब से फ़लाइंगऐस चले तब चले वरना बंद रहेगा ग्रामीणों का कहना गाड़ी की हाई स्पीड के कारण गड्डों के कारण 3 दिनों में 6 लोगों की एक्सीडेंट होने का जबाबदाई जिंदल की !
मेडिकल सुविधा ना होने के कारण, प्राइवेट हॉस्पिटल में जाना पड़ रहा है,और ग्रामीणों को 1 घंटे का रास्ता 1.5 घंटे का समय तय करना पड़ रहा है, रोड़ पूरीतरह अस्त-व्यस्त होचूका है, और भारी डस्ट का सामना करना पड़ रहा है, 3 दिन में कुल 6 लोगों का हो चूका है एक्सीडेंट इसका जिम्मेदार आखिर कौन?? पहले बोला गया था की गांव के किसी भी व्यक्ति को बाहर जाने की जरुरत नहीं होंगी गांव में मेडिकल सुविधा होंगी ! अब कोई तरह से मेडिकल सुविधा नहीं!!
ग्रामीणों का कहना है की भविष्य बनाने का नाम था उल्टा भविष्य बिगाड़ा जा रहा है!!
सांथ ही जमीन की बात करें तो कुल जमीन लगभग 400 एक्कड़ लेकर प्रति एक्कड़ 2500 रूपए देकर जमीन ग्रामीणों से लिया गया ताकि सभी सुविधा उनको प्राप्त हों पर एसा हुआ नहीं, आखिर क्यों??
क्या ग्रामीणों को गुमराह कर ख़रीदा गया है,अगर एसा नहीं होता तो ग्रामीणों को हर एक सुविधा से ललाईत ना होना पड़ता ,गरीब गांववाशी, डस्ट और अस्वक्ष वातावरण में रहने को मज़बूर, कहना है की बाहर से आने वाले लोगों को ना लेकर हमें लें ताकि हम अपनी रोजी उससे निकाल सकें, और ग्रामीणों का आखरी प्रस्ताव यह है की चाहते हैं नविन जिंदल जब तक खुद आकर हमसे नहीं मिलते और मिलकर सभी होने वाली असुविधा से निजाद नहीं दिलाते तब तक हमारा धरना कायम रहेगा
, बाईट :- केंवरा,नंदकुमारी सिदार, नित्यानंद सिदार, सुनील सिदार, एवं समस्त ग्रामवाशी कोड़केल, डोंगामहुआ!!
🖋️पत्रकार :- रोहित कुमार चौहान







