करोड़ों की नहर में बड़ा खेल? बनते ही फटने लगी माइनर केनाल, उखड़ने लगी कंक्रीट… घटिया निर्माण के आरोपों से मचा हड़कंप!”


लखन ऑटो से गैस एजेंसी तक निर्माणाधीन नहर में दरारें, कम मोटाई की ढलाई और सरिया में गड़बड़ी के आरोप; तकनीकी जांच की उठी मांग

spot_img


16 जुलाई लैलूंगा, रायगढ़। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही माइनर नहर निर्माण परियोजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। लैलूंगा–रायगढ़ मुख्य मार्ग पर लखन ऑटो से गैस एजेंसी तक सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि निर्माण पूरा होने से पहले ही कई स्थानों पर नहर में दरारें पड़ गई हैं, आरसीसी कंक्रीट उखड़ने लगी है और सतह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही है। इसे देखकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि जहां आरसीसी लाइनिंग की मोटाई लगभग तीन इंच होनी चाहिए, वहां कई स्थानों पर केवल एक से दो इंच तक ही ढलाई की गई है। साथ ही सरिया के जाल में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार जहां सरिया का अंतर लगभग छह इंच होना चाहिए, वहां करीब चौदह इंच की दूरी पर जाल बिछाकर ढलाई कर दी गई। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो नहर की मजबूती और उसकी उपयोगिता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

निर्माण स्थल की तस्वीरों में भी कई स्थानों पर दरारें, कंक्रीट टूटने और उखड़ने जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण पूरा होने से पहले ही इस तरह की खामियां सामने आना पूरे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

भाजपा मंडल उपाध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य की पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है। उनका कहना है कि गुणवत्ता नियंत्रण और नियमित निरीक्षण में लापरवाही के कारण निर्माण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने लैलूंगा में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (सिंचाई) सी. चौधरी तथा संबंधित अभियंता विश्वकर्मा से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर रायगढ़, मुख्य अभियंता तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्वीकृत प्राक्कलन, डिजाइन, आरसीसी की मोटाई, सरिया जाल की दूरी, सीमेंट-कंक्रीट की गुणवत्ता सहित सभी तकनीकी मानकों की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही दोषपूर्ण हिस्सों का पुनर्निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने की भी मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में किसानों को सिंचाई संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि उपरोक्त आरोप शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में सिंचाई विभाग एवं संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

Recent Posts

जल जन सेवा संकल्प के तहत अतरमुड़ा एनीकट 5 हजार दीपों से हुआ जगमग

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़ ग्रामीणों की उपस्थिति में हुआ दीप प्रज्ज्वलन, एनीकट के निर्माण एवं संचालन की दी जानकारीरायगढ़, 18 सितम्बर 2026/ सेवा...

CHHATTISGARH NEWS

जल जन सेवा संकल्प के तहत अतरमुड़ा एनीकट 5 हजार दीपों से हुआ जगमग

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़ ग्रामीणों की उपस्थिति में हुआ दीप प्रज्ज्वलन, एनीकट के निर्माण एवं संचालन की दी जानकारीरायगढ़, 18 सितम्बर 2026/ सेवा...

RAIGARH NEWS

जल जन सेवा संकल्प के तहत अतरमुड़ा एनीकट 5 हजार दीपों से हुआ जगमग

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़ ग्रामीणों की उपस्थिति में हुआ दीप प्रज्ज्वलन, एनीकट के निर्माण एवं संचालन की दी जानकारीरायगढ़, 18 सितम्बर 2026/ सेवा...