
जिला जांजगीर-चांपा
विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में सुधार तथा शिक्षकों के सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बम्हनीडीह विकासखंड में मासिक अकादमिक संकुल बैठकों का शुभारंभ पहले शनिवार को किया गया। प्रथम चरण में बिर्रा एवं दारंग जोन में बैठकें आयोजित की गईं,जिनमें प्रधानपाठकों,शिक्षकों एवं क्लस्टर अकादमिक समन्वयकों (CAC) ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
बिर्रा जोन के अंतर्गत बिर्रा, डीडीएस बिर्रा,सिलादेही, तालदेवरी,सेमरिया एवं करनौद सहित छह संकुलों के शिक्षक प्रधान पाठक पहली बार एक संयुक्त मासिक अकादमिक संकुल बैठक में शामिल हुए।हायर सेकेंडरी स्कूल तालदेवरी में आयोजित बैठक में 25 प्रतिभागी एवं 5 सीएसी उपस्थित रहे।वहीं पोंडीकला में आयोजित बैठक में दारंग, कडारी एवं लच्छनपुर संकुलों के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 23 शिक्षक एवं प्रधानपाठकों ने सहभागिता की। बीआरसीसी एच के बेहार की उपस्थिति में औपचारिक रूप में संकुल बैठक की शुरुआत हुई।


बैठक के दौरान ‘पढ़ने की घंटी’, मुस्कान पुस्तकालय, रचनात्मक लेखन,गणित में शब्द आधारित प्रश्न,दीवार पत्रिका तथा विज्ञान एवं गणित कॉर्नर जैसे शैक्षणिक प्रयासों पर विस्तार से चर्चा एवं अभ्यास किया गया। शिक्षकों ने समूहों में कहानी वाचन,अभिनय के साथ कहानी प्रस्तुत करना, रचनात्मक लेखन गतिविधियाँ तथा शब्द आधारित गणितीय प्रश्नों के समाधान का प्रदर्शन किया। साथ ही अधिगम परिणाम (Learning Outcomes) एवं DTP आधारित स्व-मूल्यांकन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
बैठक में प्रत्येक विद्यालय द्वारा विद्यालय-स्तरीय कार्ययोजना तैयार करने, नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण,विद्यालय भ्रमण के दौरान आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने तथा आगामी मासिक अकादमिक संकुल बैठकों में प्रगति की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।आगामी बैठकों में विषयवार सत्रों के माध्यम से शिक्षकों के अनुभव साझा किए जाएंगे तथा विद्यालयों में पढ़ने की घंटी,कहानी वाचन,रचनात्मक लेखन,गणितीय शब्द आधारित प्रश्नों के नियमित अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।









