
जिला कोरबा
कोरबा। फर्जी लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह पर कोरबा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस द्वारा संचालित “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत चौकी सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 643/2026 की विवेचना के दौरान सामने आया कि अभिवृद्धि फाइनेंशियल सर्विसेस, टीपी नगर, कोरबा के माध्यम से लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का लालच दिया जाता था। इसके बदले प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर पीड़ितों से रकम वसूली जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि पैसे जमा कराने के बाद न तो किसी को लोन दिया गया और न ही जमा राशि वापस लौटाई गई। इस तरह कई लोग इस संगठित ठगी का शिकार बने।
बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने प्रियंका कलसे (22 वर्ष), निवासी प्रताप नगर, थाना दर्री, जिला कोरबा को 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों, बैंक खातों में हुए लेन-देन, डिजिटल उपकरणों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संस्था या एजेंट के माध्यम से लोन लेने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें। प्रोसेसिंग फीस या किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि जमा करने से पहले संबंधित संस्था की प्रमाणिकता सुनिश्चित करें, ताकि साइबर एवं आर्थिक ठगी से बचा जा सके।










