
बिलासपुर संभाग
बिलासपुर, जिले में लगातार हो रही तेज बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने आपात बैठक लेकर जिलेभर की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और सभी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, शहरी स्वास्थ्य अधिकारी और कॉम्बेट टीमों के सदस्य शामिल हुए। बैठक में निर्देश दिए गए कि जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमला नियमित भ्रमण करे, लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखे और जरूरत पड़ने पर तत्काल दवाइयां एवं उपचार उपलब्ध कराए।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसी भी आपदा या स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित 45 कॉम्बेट टीमों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्वास्थ्य कर्मियों और पीएचसी प्रभारियों को मोबाइल चालू रखने तथा सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचने को कहा गया है।
नगर निगम क्षेत्र के जोरापारा, चिंगराजपारा, चचुहियापारा, बंधवापारा, बसंत विहार और तिफरा सहित जलभराव वाले इलाकों को संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।
सीएमएचओ ने पेयजल स्रोतों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीनेशन और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों को स्वच्छ भोजन और सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक करने, सड़े-गले खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने तथा खाद्य सामग्री को ढंककर बेचने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, केवल सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें और बुखार, उल्टी, दस्त या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लें।










