प्रवीण कुमार शर्मा की रिपोर्ट

शर्मा ने सीएम निवास तक ‘पदयात्रा सत्याग्रह’ की दी चेतावनी!
कोतबा:-जिले की जीवन रेखा मानी जाने वाली कोतबा-बागबहार सड़क इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। 40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत होने के बावजूद, पिछले 9-10 महीनों से सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। मानसून की पहली बारिश ने इस मार्ग को ‘दलदल’ में तब्दील कर दिया है, जिससे यहाँ से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। अब इस बदहाली के खिलाफ जशपुर जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुमित शर्मा ने मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री के निवास तक ‘पदयात्रा सत्याग्रह’ की हुंकार भरी है।
उल्लेखनीय है कि कोतबा को बागबहार से जोड़ने वाली यह 13 किलोमीटर लंबी सड़क क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिले के मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाला यह एकमात्र मार्ग है, जहाँ से रोजाना सैकड़ों यात्री बसें, मालवाहक वाहन और ओडिशा-झारखंड जाने वाले राहगीर गुजरते हैं।
हालात इतने भयावह हैं कि सड़क पर डेढ़ से दो फीट गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा होने से यह मार्ग राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। स्कूली बच्चों और गंभीर मरीजों को इसी जोखिम भरी सड़क से गुजरना पड़ता है, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी होने का डर बना रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण ही काम इतनी धीमी गति से चल रहा है और निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में गड्ढों को भरने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जो पहली ही बारिश में बह गई। प्रशासन के सख्त रवैये के अभाव में आम जनता नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।
*सुमित शर्मा का ऐलान: “अब आर-पार की लड़ाई!*
सड़क की इस बदहाली और जन-आक्रोश को देखते हुए, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुमित शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया, तो वे कोतबा से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह निवास ‘बगिया’ तक ‘पदयात्रा सत्याग्रह’ करेंगे।
सुमित शर्मा के इस आह्वान को सोशल मीडिया पर आम जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई केवल एक सड़क की नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के सम्मान और जान-माल की सुरक्षा की है।








