हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस 6 घंटे लेट, स्टेशन पर घंटों इंतजार करते रहे यात्री; सही जानकारी नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
रायगढ़। रेलवे परिचालन में अनियमितता के चलते अप और डाउन दोनों दिशाओं में यात्री ट्रेनों के घंटों विलंब से चलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उत्कल एक्सप्रेस करीब 12 घंटे की देरी से रायगढ़ पहुंची, जबकि हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस करीब 6 घंटे विलंब से स्टेशन पहुंची। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंचीं।
स्टेशन पर घंटों इंतजार को मजबूर यात्री
यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है। रायगढ़ स्टेशन में सौंदर्यीकरण कार्य के चलते यात्रियों के लिए पर्याप्त विश्राम सुविधा उपलब्ध नहीं होने से लंबे इंतजार के दौरान उन्हें और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों के लगातार बिगड़ते परिचालन के कारण यात्रा की योजना प्रभावित हो रही है। कई यात्री मजबूरी में अपनी यात्रा के समय में बदलाव कर रहे हैं। लंबी दूरी के यात्रियों के सामने हालांकि अन्य विकल्प सीमित होने के कारण उन्हें देरी के बावजूद ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है।

कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं
शनिवार को रायगढ़ पहुंचने वाली कई यात्री ट्रेनें निर्धारित समय से विलंबित रहीं। हावड़ा-आजाद हिंद एक्सप्रेस करीब साढ़े चार घंटे की देरी से सुबह 10.45 बजे पहुंची। वहीं हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस करीब साढ़े तीन घंटे विलंब से सुबह लगभग 11.20 बजे रायगढ़ पहुंची।
इसी तरह हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 5.30 बजे के बजाय करीब छह घंटे की देरी से सुबह 11.30 बजे पहुंची। पुरी-ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस भी करीब तीन घंटे विलंब से दोपहर 3 बजे पहुंची, जबकि समरसता एक्सप्रेस करीब दो घंटे की देरी से सुबह 9 बजे स्टेशन पहुंची।
डाउन दिशा की ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस के करीब 12 घंटे की देरी से रात लगभग 12.45 बजे रायगढ़ पहुंचने का अनुमान लगाया गया। यात्रियों के अनुसार यह ट्रेन पिछले एक सप्ताह से लगातार 8 से 10 घंटे की देरी से पहुंच रही है। इससे यात्रियों को सुबह से रात तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा है।
अत्यधिक मालगाड़ियों के परिचालन से बढ़ रही परेशानी
रेलवे सूत्रों के अनुसार यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियों के परिचालन के कारण भी ट्रेनों की गति प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे निकाला जाता है।
बताया जा रहा है कि कई मालगाड़ियां लांगहाल के रूप में संचालित हो रही हैं, जिसके कारण लाइन बदलने में भी परेशानी होती है। ऐसे में यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को निकालने से उनके परिचालन में देरी होती है। रेलवे से जुड़े लोगों के अनुसार चौथी लाइन का निर्माण पूरी तरह पूरा होने तक इस तरह की समस्या बने रहने की संभावना है।
ट्रेन के समय की सही जानकारी नहीं मिलने से परेशान यात्री
स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों ने बताया कि सहयोग काउंटर पर ट्रेन के निर्धारित समय की जानकारी तो दी जा रही थी, लेकिन ट्रेन के लेट होने के कारण हर कुछ देर में समय आगे बढ़ता जा रहा था।
यात्री वास्तविक आगमन समय की जानकारी लेने के लिए लगातार पूछताछ करते रहे, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते यात्रियों को पूरे दिन स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि यात्री ट्रेनों के परिचालन को समयबद्ध करने के साथ-साथ देरी की स्थिति में यात्रियों को सटीक और समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।





