‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत आयोजित शिविर में 800 लोगों को दवाएं भी मिलीं, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया अवलोकन
रायगढ़, 2 अक्टूबर 2026। जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत पुसौर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को विशाल निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिले के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में पहुंचे। दिनभर चले शिविर में कुल 3493 लोगों की आंखों की जांच की गई, जबकि जांच के बाद 3165 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। वहीं करीब 800 लोगों को आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

14 पंजीयन काउंटर, 10 से अधिक विशेषज्ञों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी
शिविर में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए 14 पंजीयन काउंटर बनाए गए थे। पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग पंजीयन की व्यवस्था की गई। जांच प्रक्रिया में 10 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों के साथ 38 नेत्र सहायकों ने सहयोग किया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह 9 बजे से लगातार सेवाएं देती रही। वहीं एनएसएस तथा स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने स्वयंसेवक के रूप में लोगों को पंजीयन से लेकर जांच और चश्मा वितरण तक पहुंचाने में मदद की।
शिविर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए छाया, पेयजल, भोजन और स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया शिविर का अवलोकन
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने शिविर का अवलोकन कर नेत्र जांच, चश्मा वितरण और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि आंखों की समय पर जांच बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या कई बार समय रहते सामने नहीं आती, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है।
उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें भी 12वीं कक्षा तक आंखों की कमजोरी का पता नहीं चला था और बाद में जांच कराने पर चश्मे की आवश्यकता सामने आई। उन्होंने लोगों से बीमारी के लक्षण आने का इंतजार करने के बजाय नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की आदत विकसित करने की अपील की।
‘सेवा मेरा योगदान’ को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का माध्यम बनाने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों की जरूरत है, जहां लोगों को एक ही स्थान पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श और जरूरी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत आयोजन को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय सेवा के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने शिविर को सफल बनाने में चिकित्सकों, नेत्र सहायकों, स्वास्थ्य विभाग, एनएसएस, स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों और प्रशासनिक अमले के योगदान की सराहना की।
इस दौरान उन्होंने हितग्राहियों को अपने हाथों से चश्मे पहनाए और 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। वहीं सुबह से शिविर में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र और शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। वन विभाग की ओर से लोगों को पीपल के पौधे भी वितरित किए गए।
सात दिनों तक चला प्रचार, 550 से अधिक पंचायतों से लोगों को लाने की व्यवस्था
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि शिविर के आयोजन से पहले लगातार सात दिनों तक ग्राम पंचायतों में प्रचार-प्रसार किया गया। जिले की 550 से अधिक ग्राम पंचायतों से लोगों को शिविर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सकों को भी शिविर से जोड़ा गया, जिन्होंने सुबह से लगातार अपनी सेवाएं दीं। कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि जिले के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत करीब 45 हजार बच्चों की नेत्र जांच का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई बार बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर होने के बावजूद उन्हें स्वयं इसका पता नहीं होता। ऐसे में समय पर जांच कर समस्या की पहचान करना जरूरी है। उन्होंने पालकों से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल में आने वाली परेशानियों को लेकर नियमित बातचीत करने की अपील की।
ग्रामीणों ने निःशुल्क जांच और चश्मा मिलने पर जताई खुशी
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर निःशुल्क नेत्र जांच और चश्मे की सुविधा मिलने पर प्रसन्नता जताई।
झारमुड़ा की सतरूपा पटेल ने बताया कि उन्हें रोजमर्रा के काम में दूर की चीजें देखने में परेशानी होती थी, लेकिन जांच कराने का अवसर नहीं मिल पा रहा था। शिविर में जांच के बाद चश्मा मिलने से पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद उन्होंने जताई।
वहीं बायंग की योगिता महंत ने बताया कि कंप्यूटर चलाने के दौरान उन्हें सिरदर्द की समस्या होती थी। जांच के बाद उन्हें चश्मा मिला, जिससे परेशानी में राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्राम बुनगा की पार्वती मैत्री ने भी आंखों से जुड़ी परेशानी की जानकारी दी और शिविर के माध्यम से जांच एवं उपचार संबंधी सुविधा मिलने पर आयोजन के प्रति आभार जताया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता, लक्ष्मी जीवन पटेल, भाग्यवती डोलनारायण और जैमिनी गुप्ता, नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश साव सहित पार्षदगण मौजूद रहे।
इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सक, एनएसएस एवं स्काउट-गाइड के विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में सहभागिता की।






