रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस नेता एवं पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को मंगलवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

ईडी का आरोप, 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध
ईडी ने अदालत को बताया कि रामगोपाल अग्रवाल का कथित तौर पर 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध है। एजेंसी के अनुसार, अग्रवाल को पूछताछ के लिए चार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए। हालिया पूछताछ के दौरान भी एजेंसी ने उनके रवैये को टालमटोल वाला बताया।
2019 से 2022 के बीच कथित शराब घोटाला
ईडी के अनुसार, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। एजेंसी का आरोप है कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों के एक कथित आपराधिक सिंडिकेट ने आबकारी विभाग पर नियंत्रण स्थापित कर अवैध शराब कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर धन अर्जित किया।
ईडी ने दावा किया है कि इस कथित सिंडिकेट की गतिविधियों के कारण राज्य सरकार को करीब 2,883 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
कांग्रेस ने जांच को बताया राजनीतिक कार्रवाई
कांग्रेस की ओर से पहले आरोप लगाया जा चुका है कि मामले की जांच भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई है। पार्टी ने ईडी के आरोपों को खारिज किया है।
ईओडब्ल्यू भी कर चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले से जुड़े मामलों की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा भी की जा रही है। ईओडब्ल्यू ने रामगोपाल अग्रवाल को जुलाई में कथित घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने अब तक दाखिल किए सात आरोपपत्र
ईडी के अनुसार, मामले में अब तक सात आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और कुल 85 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया समेत अन्य नाम शामिल हैं।





