जुनाडिही प्राथमिक शाला में तीन बच्चे और दो शिक्षिकाएं, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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लैलूंगा विकासखंड के ग्राम लिबरा का मामला, स्कूल में महज तीन बच्चे अध्ययनरत

लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लिबरा के जुनाडिही प्राथमिक शाला में वर्तमान में महज तीन बच्चे अध्ययनरत हैं, जबकि विद्यालय में दो शिक्षिकाएं पदस्थ हैं। कम छात्र संख्या वाले इस विद्यालय की स्थिति को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव मानी जाती है। ऐसे में एक प्राथमिक शाला में केवल तीन बच्चों का अध्ययनरत होना चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, विद्यालय में दो शिक्षिकाओं की पदस्थापना होने के बावजूद छात्र संख्या इतनी कम क्यों है, यह भी विचारणीय विषय है।

वनांचल क्षेत्र में बच्चों को गांव के समीप बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। कम छात्र संख्या के पीछे क्या कारण हैं, क्या बच्चों का अन्य विद्यालयों में दाखिला हो रहा है या फिर क्षेत्र में शिक्षा को लेकर कोई अन्य समस्या है—इन सभी पहलुओं पर शिक्षा विभाग द्वारा ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके।

अब सवाल यह है कि जुनाडिही प्राथमिक शाला में तीन बच्चों के बीच दो शिक्षिकाओं की पदस्थापना और लगातार कम छात्र संख्या के पीछे वास्तविक कारण क्या है? इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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