कांग्रेस नेता को धमकाकर मांगे थे 25 करोड़ रुपये
राजधानी रायपुर में रंगदारी मांगने के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामला कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से जुड़ा है, जिन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर फोन पर धमकाया गया और 25 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
नई सिम और नए मोबाइल से किया गया था धमकी भरा कॉल
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने धमकी भरा कॉल करने के लिए विशेष रूप से नया मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदा था, ताकि पहचान छिपाई जा सके। इस पूरे मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस ने रंगदारी से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
5 हजार रुपये में किया गया था फर्जी धमकी कॉल, वहीं से मिला सुराग
इस मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब पुलिस ने पहले एक भाजपा नेता के भतीजे को हिरासत में लिया था। पूछताछ में पता चला कि उसने महज 5 हजार रुपये लेकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा फोन किया था। इसी दौरान उसने शोएब ढेबर का नाम लिया, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए शोएब को भी हिरासत में ले लिया। अब पुलिस इस पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों और मोबाइल-सिम जुटाने के तरीकों का पता लगाने में जुटी है।
पूर्व महापौर से भी मांगे गए थे 50 करोड़
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि खुद पूर्व महापौर एजाज ढेबर से भी लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में एजाज ढेबर पहले ही कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
मोबाइल और कॉल डिटेल्स की हो रही बारीकी से जांच
पुलिस टीम शोएब के मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है। सेंट्रल जोन के एसीपी और संबंधित थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की तह तक पहुंचने में जुटे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों का वाकई किसी गैंग से संबंध है, या फिर सिर्फ गैंग के नाम का दुरुपयोग कर पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही थी।
शोएब का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
गौरतलब है कि शोएब ढेबर के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। सितंबर 2024 में तेलीबांधा क्षेत्र के जूक क्लब में हुए विवाद के दौरान मारपीट के आरोप में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी। इसके अलावा अगस्त 2025 में गंज थाना पुलिस ने जेल के मुलाकात कक्ष में बिना अनुमति प्रवेश करने और वहां तैनात प्रहरी से विवाद करने के आरोप में भी उसे गिरफ्तार किया था।






