प्रार्थना सभा स्थल पर बना तनाव का माहौल
धमतरी शहर के टिकरापारा क्षेत्र में शनिवार को एक क्रिश्चियन प्रार्थना सभा के दौरान तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। हिंदू संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर यह आरोप लगाया कि धार्मिक सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन की गतिविधियां चलाई जा रही हैं। खबर फैलते ही क्रिश्चियन समुदाय के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई।
पुलिस-प्रशासन की तत्काल तैनाती, यातायात रहा बाधित
मामला बिगड़ता देख प्रशासनिक अमला और पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पहुंचे। तहसीलदार की मौजूदगी में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया, जिन्होंने माहौल को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया। इस हंगामे के चलते मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही थम गई थी।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
हिंदू संगठनों का कहना है कि इस तरह की सभाओं का इस्तेमाल धर्मांतरण के लिए किया जाता है, यही वजह है कि उन्होंने विरोध दर्ज कराया। वहीं क्रिश्चियन समुदाय की ओर से हमेशा यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि यह विशुद्ध रूप से एक आध्यात्मिक/धार्मिक आयोजन है। बता दें कि इस तरह के विवाद धमतरी में इससे पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। प्रशासन के अनुसार, लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
दीपक बैज ने सरकार से पूछा जवाबदेही का सवाल
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार को घेरा। उनका कहना था कि जब सरकार ने धर्मांतरण रोकने के लिए विशेष कानून बना रखा है, तो इसके बावजूद ऐसी घटनाओं का सामने आना गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यदि कानून होने के बाद भी धर्मांतरण नहीं रुक पा रहा, तो इसकी जवाबदेही सरकार की बनती है और उसे इस नाकामी के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।
पहले भी सुर्खियों में रहा है धमतरी
गौरतलब है कि धमतरी में प्रार्थना स्थलों को लेकर विवाद नया नहीं है। इसी महीने चर्च परिसरों में प्रवेश को लेकर भी असहमति की खबरें आई थीं, जब कुछ चर्चों के बाहर गैर-ईसाई व्यक्तियों के प्रवेश से जुड़े सूचना पट्ट लगाए गए थे। इस पर क्रिश्चियन फोरम ने सफाई देते हुए कहा था कि यह कदम पूरी तरह सुरक्षा कारणों से उठाया गया था।






