अमित शाह की अध्यक्षता में ओडिशा-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की बैठक, बाढ़, सिंगापुर दौरे और बस्तर के विकास पर भी सीएम साय ने दी जानकारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान वे ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने जल विवाद के साथ प्रदेश में बाढ़ की स्थिति, आगामी सिंगापुर दौरे और बस्तर से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा की।
महानदी जल विवाद पर दिल्ली में अहम बैठक
महानदी जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह मामला वर्ष 2018 से महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण के समक्ष भी लंबित है।
मुख्यमंत्री साय पहले भी कह चुके हैं कि दोनों राज्यों के हित में केंद्रीय जल आयोग (CWC) की ओर से आने वाले निर्णय को स्वीकार किया जाएगा। जुलाई 2026 में भी केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हो चुकी है।
2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर दौरा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 2 से 7 अक्टूबर 2026 तक सिंगापुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में भाग लेने के साथ वे निवेशकों, उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
दौरे में छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश, औद्योगिक परियोजनाओं, तकनीकी सहयोग और कारोबारी संभावनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। राज्य की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने पर भी जोर रहेगा।
बाढ़ से 17 जिले और 550 गांव प्रभावित
प्रदेश में हाल की भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 जिले, 550 गांव और करीब 22 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से 29 सितंबर को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत की जानकारी भी सामने आई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराया जाएगा और पात्र प्रभावितों को RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत राहत एवं मुआवजा दिया जाएगा।
बस्तर के विकास और युवाओं के अवसर पर जोर
बस्तर में पूर्व नक्सलियों द्वारा फिल्म की शूटिंग किए जाने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने बस्तर की बेटियों और युवाओं की खेल, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र में परिस्थितियों में बदलाव के साथ युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। उनका कहना है कि युवाओं को बेहतर मंच और अवसर मिलने से वे अपनी प्रतिभा को सामने ला सकेंगे और बस्तर के विकास में योगदान दे सकेंगे।






