महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् का छत्तीसगढ़ी रूप सामने आया, DVW Production के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है प्रस्तुति
संस्कृत के प्रसिद्ध देवी स्तोत्र ‘अयि गिरिनन्दिनि’ यानी महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् की गूंज अब छत्तीसगढ़ी भाषा में भी सुनाई दे रही है। स्थानीय कलाकारों ने इस प्रसिद्ध शक्तिस्तोत्र को छत्तीसगढ़ी में प्रस्तुत कर क्षेत्रीय भाषा और धार्मिक परंपरा को जोड़ने की अनूठी पहल की है।
अपनी बोली में मां दुर्गा की स्तुति
‘छत्तीसगढ़ी महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्’ नाम से तैयार इस प्रस्तुति में मां दुर्गा की स्तुति को छत्तीसगढ़ी भाषा में सुनने का अवसर मिल रहा है। अपनी मातृभाषा में देवी की आराधना सुनकर श्रोता भावविभोर हो रहे हैं। इस पहल से छत्तीसगढ़ी बोली की मिठास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी एक नया मंच मिल रहा है।
DVW Production के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है वीडियो
इस विशेष प्रस्तुति का वीडियो DVW Production के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। देवी स्तुति के पारंपरिक स्वरूप को स्थानीय भाषा में प्रस्तुत करने का यह प्रयास उन लोगों के लिए खास है, जो अपनी बोली में भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुभव करना चाहते हैं।
लोकभाषा और भक्ति का संगम
छत्तीसगढ़ी में महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् की प्रस्तुति यह दर्शाती है कि स्थानीय भाषाओं के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लोगों तक नए अंदाज में पहुंचाया जा सकता है। यह पहल छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार के साथ भक्ति संगीत के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना सकती है।











