Raigarh News: रायगढ़ कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में स्कूल भवन, सड़क निर्माण, वन अधिकार पट्टा और राजस्व रिकॉर्ड में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में स्कूल भवन से लेकर सड़क निर्माण तक की मांग
रायगढ़। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में आमजनों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने अपनी मांगों और शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत नूनदरहा के सरपंच ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत स्कूल में आहता निर्माण की आवश्यकता को लेकर आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, खरसिया निवासी अनिल गोयल ने कम्प्यूटर भुइयां रिकॉर्ड में अपने नाम की वर्तनी में सुधार की मांग की।

वन अधिकार पट्टा और किसान पंजीयन से जुड़े आवेदन
जनदर्शन में ग्राम बैहामुड़ा के मंगल राठिया और बालमती राठिया ने वन अधिकार पट्टा बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं, ग्राम सकरलिया के शनिराम बिरहोर ने अपने रकबे का किसान एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराने की मांग रखी।
इसके अलावा ग्राम अमलीडोडा के ग्रामीणों ने नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण, गौरबहरी के ग्रामीणों ने माध्यमिक शाला में शिक्षक की व्यवस्था और ग्राम औरदा के अंजोर सिंह ने मनरेगा के तहत किए गए कार्य की राशि दिलाने की मांग की।
सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी उठे मुद्दे
जनदर्शन में ग्राम पेलमा से झरियापाल तक सड़क निर्माण की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही ग्राम पंचायत कसडोल में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना और आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











