सिमगा में पुलिस की नाकेबंदी के दौरान पकड़े गए आरोपी; 30 किलो 430 ग्राम गांजा, स्विफ्ट और बलेनो कार समेत 25.41 लाख रुपये की सामग्री जब्त
सिमगा। छत्तीसगढ़ में महासमुंद और बिलासपुर पुलिस के सहयोग से सिमगा पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा से गांजे की खेप लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 30 किलो 430 ग्राम गांजा, दो कार और छह मोबाइल फोन समेत कुल 25 लाख 41 हजार 500 रुपये की सामग्री जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के स्थानीय स्तर पर पत्रकार के सहायक के रूप में जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, वह चेकिंग के दौरान इस पहचान का सहारा लेकर बचने का प्रयास करता था।
पुलिस को देखकर तेज की रफ्तार, डिवाइडर से टकराई कार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को सिमगा पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से सफेद स्विफ्ट कार में बड़ी मात्रा में गांजा भरकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। तस्करी में शामिल गिरोह पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्विफ्ट कार के आगे बलेनो कार को पायलट वाहन के रूप में चला रहा था।
सूचना के आधार पर पुलिस ने सिमगा ओवरब्रिज और राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर नाकेबंदी की। पुलिस टीम को देखकर दोनों वाहनों के चालकों ने रफ्तार बढ़ाकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा किया। इसी दौरान ग्राम दामाखेड़ा के पास एनएच-130 पर तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
प्रयागराज के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनीत कुमार भारती (29), करन कनौजिया (23), सुनील कुमार भारती (22), सुखलेन्द्र कुमार नट (35), राजेंद्र गुप्ता (42), शिवशंकर बिन्द (26) और अनिल कुमार बिन्द (39) के रूप में हुई है। सभी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के निवासी बताए गए हैं।
25.41 लाख रुपये की सामग्री जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 पैकेट में रखा 30 किलो 430 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 15 लाख 21 हजार 500 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तीन लाख 50 हजार रुपये की स्विफ्ट कार, छह लाख रुपये की बलेनो कार और 70 हजार रुपये कीमत के छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 25 लाख 41 हजार 500 रुपये बताया गया है।
पहचान की आड़ में बचने की कोशिश
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों में से एक स्थानीय स्तर पर पत्रकार के सहायक के रूप में जुड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार, वह जांच और चेकिंग के दौरान अपनी इस पहचान का सहारा लेकर बचने की कोशिश करता था। वहीं, एक अन्य आरोपी कथित तौर पर ग्रामीण प्रैक्टिशनर के रूप में काम करता था। पुलिस को संदेह है कि गिरोह इन संपर्कों और पहचानों की आड़ में ओडिशा से गांजे की खेप लाकर प्रयागराज में खपाने की कोशिश कर रहा था।
सप्लायर और खरीदारों की तलाश में जांच
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सिमगा थाने में अपराध क्रमांक 466/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब गांजे के मुख्य सप्लायरों, संभावित खरीदारों और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच कर रही है। मामले की विवेचना जारी है।











