इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन देने के बाद मदद नहीं मिलने का दावा, पीड़ित ने कलेक्टर और श्रम विभाग से लगाई न्याय की गुहार
रायगढ़। उड़ीसा रोड स्थित शकुंतला गोदाम में ट्रक में खरी की बोरियां लोड करने के दौरान एक हमाल गंभीर हादसे का शिकार हो गया। 16 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना में 32 वर्षीय राकेश कुमार कुर्रे के दोनों पैर टूट गए। मेडिकल दस्तावेजों और एक्स-रे रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। पीड़ित ने गोदाम में काम के दौरान सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराने और हादसे के बाद उचित आर्थिक सहायता नहीं देने का आरोप लगाया है।

600 बोरी लोड होने के बाद हुआ हादसा
पीड़ित राकेश के अनुसार, अनिल केडिया निवासी लाल टंकी की ओर से छह हमालों को गोदाम में लोडिंग के काम के लिए बुलाया गया था। करीब 600 बोरियां ट्रक में लोड हो चुकी थीं। आखिरी छल्ली लगाने के दौरान ट्रक का डाला दबाव के कारण बाहर निकल गया। आरोप है कि मौके पर मौजूद मुंशी (बाबू) ने राकेश को ऊपर चढ़कर बत्ता लगाने के लिए कहा।

पीड़ित का कहना है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम करते समय नीचे से रस्सी खींची गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। हादसे में उसके दोनों पैरों में गंभीर चोट आई।
इलाज का खर्च उठाने का दिया था आश्वासन
घटना के बाद घायल हमाल को फटहामुड़ा स्थित एक क्लिनिक ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि वहां मुंशी ने गोदाम मालिक की ओर से इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया था और घटना के बारे में किसी को नहीं बताने को कहा था। हालांकि, उसके अनुसार बाद में प्रबंधन की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
अगले दिन राकेश को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां दोनों पैरों में प्लास्टर किया गया। चिकित्सकों ने उसे तीन महीने तक पूर्ण आराम करने की सलाह दी है।
सात सदस्यों के परिवार पर रोजी-रोटी का संकट
राकेश अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। परिवार में पत्नी, मां, भतीजे और छोटे बच्चों सहित कुल सात सदस्य हैं। बड़े भाई के निधन के बाद उनके बच्चों की जिम्मेदारी भी राकेश पर है। हादसे के बाद काम करने में असमर्थ होने से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।
पीड़ित के मुताबिक, घटना के 17 दिन बाद भी उसे कोई आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं मिला है। इलाज का खर्च उधार लेकर उठाना पड़ रहा है, वहीं परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
कलेक्टर, एसपी और श्रम विभाग से शिकायत की तैयारी
पीड़ित अब जूटमिल थाना, पुलिस अधीक्षक, श्रम विभाग और कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपने की तैयारी कर रहा है। उसने पूरे मामले की जांच कराने, गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने और नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग करने की बात कही है।











