‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर जिला स्तरीय समारोह का आयोजन, विभागीय प्रदर्शनी में दिखीं शासन की योजनाएं; लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
रायगढ़, 2 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस पर रायगढ़ में जिला स्तरीय राज्योत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस वर्ष समारोह की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और छत्तीसगढ़ राज्यगीत के सामूहिक गायन से हुई।
समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। इस दौरान विकास कार्यों की जानकारी देने के साथ विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से बना छत्तीसगढ़ : ओ.पी. चौधरी
समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ लंबे समय तक अलग राज्य की पहचान और विकास के अवसरों से वंचित रहा। वर्ष 1956 से 2000 तक के 44 वर्षों में प्रदेश की संभावनाओं के अनुरूप विकास नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अलग राज्य की आवश्यकता को समझते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने 1 नवंबर 2000 को राज्य निर्माण का निर्णय लिया। उनके योगदान को स्मरणीय बनाने के लिए नवा रायपुर का नाम अटल नगर रखा गया है। नगरीय निकायों में उनके स्मारक बनाए जा रहे हैं और नवा रायपुर में उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने प्रदेश की 26 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जिसकी संख्या अब बढ़कर 21 हो गई है। प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम, एनआईटी, एम्स, एचएनएलयू और सीपेट जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित हुए हैं। पिछले दो वर्षों में निफ्ट और एनएफएसयू जैसे संस्थानों की स्थापना भी हुई है। उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से इन संस्थानों में उपलब्ध शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
600 करोड़ के रिंग रोड सहित रायगढ़ में 100 से अधिक विकास कार्य
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि औद्योगिक पहचान के बावजूद शहर में सड़क, पुल, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की जरूरत रही है। अब शहर और जिले के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रायगढ़ में करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण के रिंग रोड की योजना को आगे बढ़ाया गया है। भविष्य में इसके विस्तार की भी संभावना है। शहर में हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए इतवारी बाजार में सिंदूर पार्क, किसान राइस मिल में लगभग साढ़े सात एकड़ में ऑक्सीजोन, राजीव नगर दुग्ध डेयरी, उर्दना नगर वन, गजमार पहाड़, बालसमुंद, खर्राघाट और गजाननपुरम में विकास कार्य किए जा रहे हैं।
खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए बोईरदादर स्टेडियम में ओलंपिक स्तर का स्विमिंग पूल और एथलेटिक ट्रैक विकसित किया जा रहा है। मिनी स्टेडियम में स्केटिंग रिंक और रोल बॉल कोर्ट सहित अन्य सुविधाएं बनाई जा रही हैं। कोड़ातराई में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
शिक्षा, खेल और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर
वित्त मंत्री ने केवड़ाबाड़ी, इंदिरा नगर और कायाघाट में नए पुलों के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास विद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी कॉलेज, नेचुरोपैथी कॉलेज, कला एवं संगीत महाविद्यालय और नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने रामलीला मैदान, मिनी स्टेडियम, भुजबंधान तालाब और मिट्ठूमुड़ा तालाब के जीर्णोद्धार सहित रायगढ़ की जरूरतों के अनुरूप 100 से अधिक विकास कार्यों की जानकारी दी। उनके अनुसार, आने वाले दो वर्षों में इन कार्यों का असर शहर की तस्वीर में दिखाई देने लगेगा।
जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर ने दी स्थापना दिवस की शुभकामनाएं
महापौर जीवर्धन चौहान ने जिलेवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र गबेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने 26 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में प्रगति की है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क और अन्य विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए नागरिकों से प्रदेश की प्रगति में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस उपलब्धियों का आकलन करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने रायगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित होती पहचान वाला जिला बताया। कलेक्टर ने कहा कि विकास का उद्देश्य अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही को सुशासन के प्रमुख आधार बनाकर काम कर रहा है।
उन्होंने शिक्षा, विद्यालयों की अधोसंरचना, बालिका शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, अरुणधर दीवान, श्रीकांत सोमावार, पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे ने आभार व्यक्त किया।
विभागीय प्रदर्शनी में योजनाओं और नवाचारों की जानकारी
राज्योत्सव में ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर विभिन्न विभागों ने आकर्षक स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने नागरिकों से भी स्टॉलों का भ्रमण कर पात्रतानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30, नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 तथा स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। एक जिला-एक उत्पाद के तहत झारा शिल्प प्रदर्शित किया गया। जिला पंचायत के स्टॉल में प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी और स्वच्छ भारत मिशन सहित ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।
सेवा सेतु और सीएससी सेंटर के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का भी प्रदर्शन किया गया। समाज कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया।
लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी शाम
राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में जिले के विभिन्न विद्यालयों, संगीत महाविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत श्री चक्रधर संगीत महाविद्यालय की गणेश वंदना से हुई। इसके बाद आयत कथक एकेडमी ने रामकथा समूह नृत्य और श्री चक्रधर बालिका गृह ने नशामुक्त भारत विषय पर प्रस्तुति दी।
ओ.पी. जिंदल स्कूल के विद्यार्थियों ने बिहू और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। शासकीय कन्या आश्रम गोढ़ी (तमनार) के विद्यार्थियों ने आदिवासी करमा नृत्य और कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल ने राजस्थानी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार ने शिव तांडव नृत्य और वैष्णव संगीत महाविद्यालय ने देवस्तुति प्रस्तुत की।
सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल ने पहाड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। पायल मानिकपुरी एवं समूह ने नृत्य नाद (त्रिश्लोका कथक), शेखर गिरि एवं समूह ने पंथी नृत्य तथा हुतेन्द्र शर्मा एवं समूह ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में देश के विभिन्न अंचलों की लोकपरंपराओं के साथ छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।











