विश्व योग दिवस पर व्यवहार न्यायालय कहलगांव में हूआ योग शिविर।


अवर न्यायाधीश ने अधिवक्तावाओ को सिखाया योग।
आयोजित कार्यक्रम में 20 से अधिक अधिवक्ता तथा उतनी ही संख्या में न्यायिक कर्मचारी शामिल थे, मुंसिफ शिल्पा प्रशांत मिश्रा भी थीं उपस्थित, प्राणायाम, अनुलोम विलोम, पतंगासन, वज्रासन, भ्रामरी करतें हुए इनके लाभों को बताया गया इस अवसर पर योग सह जागरूकता कार्यकम करते हुए अवर न्यायधीश श्री अमित कुमार शर्मा ने बताया कि यूं तो प्राचीन काल से ही महर्षि पतंजलि के योग को हम सभी अपनाते आ रहे हैं पर सर्वप्रथम वर्ष 2015 में भारत के प्रस्ताव को UNO द्वारा स्वीकार कर लिया गया तभी से विश्व योग दिवस पूरे विश्व में बड़े धूमधाम से मनाया जाने लगा है।मुंसिफ शिल्पा प्रशांत मिश्रा ने बताया की भारतीय परंपरा के अनुसार, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है। सूर्य दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए असरदार है। इस कारण प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। योग दिवस 2023 की थीम ‘वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग’ (Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam) है। वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ है- धरती ही परिवार है। इस थीम का मतलब धरती पर सभी लोगों के स्वास्थ्य के लिए योग की उपयोगिता से हैं। इस अवसर पर प्राधिकार के मनीष पांडेय, नाजिर अरविन्द कुमार, वरीय सहायक चन्दन नाथ चौधरी,सिरिस्तेदार सन्तोष पांडेय, निखिल कुमार,प्रवीण कुमार, रेशमा कुमारी, राजेंद सिंह शंकर शाह साहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता बंधु मोजूद थे। साथ ही कहलगांव शहर के मध्य में स्थित हिंदू समाज संघ के कार्यालय में संजीव कुमार एवं शिवम कुमार के नेतृत्व में हिंदू समाज संघ के स्वयंसेवकों ने भी योग कार्यक्रम आयोजित किया.







