अनुमंडल विधिक सेवा समिति द्वारा कहलगांव शहर के श्रमिकों को दी गई श्रम कानून एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी


नगर पंचायत अध्यक्ष साहित दर्जनों की संख्या में सफाई कर्मी रहें मोजूद ।
कहलगांव अनुमंडल संवाददाता कन्हैया खंडेलवाल की रिपोर्ट
अनुमंडल विधिक सेवा समिति ने नगर पंचायत कहलगांव परिसर में श्रमिकों को श्रम कानून एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हेतु किया जागरूकता अभियान:- आज कहलगांव नगर पंचायत परिसर में श्रमिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं एवं कानूनों की जानकारी दी गई जिसमें आज अधिवक्ता छोटेलाल उपाध्याय ने बताया की असंगठित कामगार के नियोजन में मौसमी और अनिश्चित रोजगार, अलग- अलग कार्यस्थल, नियोक्ता कर्मचारी संबंध का अभाव, खराब कार्य स्थितियां, अनिश्चित और लंबे कार्य घंटे और कम पारिश्रमिक जैसी समस्याएं आती हैं उन्हें अपनी अलिखित स्थिति और संगठनात्मक सहायता के अभाव के कारण अत्यधिक सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। असंगठित क्षेत्र” शब्द की कोई वैज्ञानिक परिभाषा नहीं है और न ही कोई उचित परिभाषा देने का कोई वास्तविक प्रयास किया गया है। असंगठित क्षेत्र को अनौपचारिक क्षेत्र भी कहा जाता है। इसकी परिभाषा इस प्रकार है:”श्रमिकों का समूह, जिन्हें परिभाषा द्वारा परिभाषित नहीं किया जा सकता है, लेकिन उन्हें उन लोगों के रूप में वर्णित किया जा सकता है जो बाधाओं के कारण एक सामान्य उद्देश्य की प्राप्ति के लिए संगठित नहीं हो पाए हैं।” उन्होंने बताया की श्रम पर गठित राष्ट्रीय आयोग ने नीचे उल्लिखित असंगठित श्रम के प्रकारों को ऊपर उल्लिखित विशेषता के साथ दर्ज किया और मान्यता दी।
निर्माण श्रमिकों सहित ठेका श्रमिक दुकानों और प्रतिष्ठानों में कर्मचारी, बाल श्रम। कृषि एवं ग्रामीण श्रमिक.अनौपचारिक श्रम बंधुआ मजदूर। महिला श्रम.
हथकरघा और पावरलूम श्रमिक। बीड़ी और सिगार श्रमिक सफ़ाईकर्मी और मैला ढोने वाले. चर्मशोधन कारखानों में श्रमिक. आदिवासी श्रम. ऊपर उल्लिखित समूह कम विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिनकी सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उनके द्वारा लोगों के बीच मौलिक कर्तव्यों का वाचन करते हुए अनुमंडल विधिक सेवा समिति द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों को भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी श्रीमती सोनी कुमारी, PLV अभीषेक मिश्रा सहीत अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखें। प्राधिकार के मनीष पांडेय ने बताया कि अनुमंडल विधिक सेवा समिति कहलगांव के अध्यक्ष अवर न्यायाधीश श्री अमित कुमार शर्मा और मुंसिफ श्रीमती शिल्पा प्रशांत मिश्रा के द्वारा प्रत्येक सप्ताह इस प्रकार के कार्यक्रम का कार्यान्वयन करते हुए लोगों को विधिक सहायता के साथ साथ जागरूक करने का प्रयास किया जाता रहा है।







