WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.36
WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.37 (1)
WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.37 (2)

गणेश चतुर्थी पर डीजे साउंड वालों को लाखों का नुक़सान, रायगढ़ में रोक का दिखा असर

WhatsApp Image 2026-08-09 at 17.42.03
WhatsApp Image 2026-08-09 at 17.42.04
WhatsApp Image 2026-08-08 at 19.47.37

गणेश चतुर्थी पर डीजे साउंड वालों को लाखों का नुक़सान, रायगढ़ में रोक का दिखा असर


गणेश चतुर्थी के दौरान हर साल रायगढ़ समेत पूरे देश में धूमधाम और ध्वनि प्रदूषण की भरपूर देखने को मिलती है। गणेश चतुर्थी से लेकर विसर्जन तक डीजे साउंड और पिकअप वाहनों का व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों को इस दौरान लाखों की कमाई होती है। लेकिन इस बार उच्चतम न्यायालय के आदेश ने इन व्यवसायियों को बड़ा झटका दिया 
उच्चतम न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी राज्यों और जिला प्रशासन को निर्देशित किया था कि गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों के दौरान डीजे साउंड पर रोक लगाई जाए। इस आदेश का पालन करते हुए रायगढ़ प्रशासन ने इस साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर डीजे साउंड और पिकअप वाहनों की आवाज़ पर सख्ती से ध्यान देने का निर्णय लिया।
रायगढ़ शहर में प्रशासन ने गणेश विसर्जन के दौरान डीजे साउंड और पिकअप वाहनों के किराए पर पाबंदी लगाने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने इस बार के गणेश चतुर्थी पर्व के दौरान डीजे साउंड और पिकअप वाहन मालिकों को समझाया कि वे इस नियम का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ शहर में गणेश चतुर्थी के दिन से लेकर विसर्जन तक डीजे साउंड मालिकों को सक्रिय निगरानी में रखा गया। अधिकारियों ने शहर भर में डीजे साउंड के उपयोग की अनुमति नहीं दी और सख्त कार्रवाई के साथ वाहनों को जब्त करने का अल्टीमेटम भी जारी किया। इसके चलते बहुत से डीजे साउंड वाले और पिकअप वाहन मालिक इस बार अपने व्यवसाय को नहीं चला पाए।
उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए और प्रशासन की सख्ती के कारण डीजे साउंड वालों को इस बार गणेश चतुर्थी के अवसर पर लाखों का नुकसान हुआ। जो व्यवसायी आमतौर पर इस अवधि में बड़े पैमाने पर कमाई करते थे, उन्हें इस बार आर्थिक हानि का सामना करना पड़ा। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उठाए गए इस कदम ने इस साल गणेश चतुर्थी को कुछ अलग ही स्वरूप प्रदान किया।
ध्वनि प्रदूषण केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उच्च ध्वनि स्तर से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए, इस तरह के नियम और रोक लगाना लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आवश्यक है।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के इस फैसले के बाद शहरवासियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। जहां कुछ लोग इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं और इसे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए लाभकारी मानते हैं, वहीं कुछ व्यवसायी और स्थानीय लोग इसे उनकी आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव के रूप में देख रहे हैं।
रायगढ़ प्रशासन ने इस वर्ष के अनुभव को ध्यान में रखते हुए भविष्य के त्योहारों के लिए भी ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में योजनाएँ तैयार करने की बात की है। इस दिशा में काम करते हुए, प्रशासन का उद्देश्य यह है कि भविष्य में त्योहारों का आनंद भी बने रहे और साथ ही ध्वनि प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी नियंत्रित किया जा सके।
इस बार गणेश चतुर्थी पर डीजे साउंड और पिकअप वाहनों के उपयोग पर लगाई गई रोक ने रायगढ़ में लाखों की कमाई को प्रभावित किया है, लेकिन इस निर्णय का उद्देश्य लंबे समय में लोगों के स्वास्थ्य और शांति को बनाए रखना है। यह एक कदम है जो त्योहारों की खुशी को बनाये रखते हुए साथ ही ध्वनि प्रदूषण के दुष्परिणामों को कम करने की दिशा में उठाया गया है।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

Recent Posts

रायगढ़ जिले  की चार महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों की मंजूरी

ढिमरापुर चौक-कोतरा थाना एनएच मार्ग के लिए 41.49 करोड़, मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग सहित तीन सड़कों के लिए 24.01 करोड़ रुपये स्वीकृतजिले में सड़क...

CHHATTISGARH NEWS

रायगढ़ जिले  की चार महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों की मंजूरी

ढिमरापुर चौक-कोतरा थाना एनएच मार्ग के लिए 41.49 करोड़, मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग सहित तीन सड़कों के लिए 24.01 करोड़ रुपये स्वीकृतजिले में सड़क...

RAIGARH NEWS

रायगढ़ जिले  की चार महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों की मंजूरी

ढिमरापुर चौक-कोतरा थाना एनएच मार्ग के लिए 41.49 करोड़, मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग सहित तीन सड़कों के लिए 24.01 करोड़ रुपये स्वीकृतजिले में सड़क...