सी-मार्ट में एक ही छत के नीचे किफायती दर पर मिल रहा है स्थानीय उत्पाद का सामान…

सी-मार्ट में एक ही छत के नीचे किफायती दर पर मिल रहा है स्थानीय उत्पाद का सामान

विनय सिंह बेमेतरा

बेमेतरा 14 सितम्बर 2022-सी-मार्ट (छत्तीसगढ़-मार्ट) यानी की एक ऐसा बाजार जहां पर सभी प्रोड्क्टस एक ही छत के नीचे मिलने लगे हैं और यह उत्पाद किसी बड़े दुकानदार से नहीं बल्कि उन महिलाओं, शिल्पिकार, बुनकर, दस्तकर और अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योग से खरीदे जाएंगे जो गांव में तैयार किये जाते हैं। यह वह महिलाएं, संस्था हैं जो गांव में रहते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का काम कर रही है। सी-मार्ट का संचालन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। सी-मार्ट स्टोर में महिला समूहों द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के हर्बल साबुन, आचार, मसाले, मुर्रा, दोना-पत्तल, काजु, विभिन्न प्रकार के शर्बत, देवभोग के डेयरी प्रोडक्ट, कोरिया की हर्बल चाय, लेमन ग्रास चाय, विभिन्न ऑइल से लेकर डिशवॉशर, टायलेट फ्लोर क्लीनर, मशरूम पाउडर, शहद, तेल-गुड़, देसी चना, लाल चॉवल विक्रय किया जा रहा है। सी-मार्ट द्वारा अब तक 16.80 लाख रुपये की समाग्री का विक्रय किया गया। जिसमें महिला स्व-सहायता समूह को 5.20 लाख की आमदनी हुई।
प्रदेश के कृषिमंत्री ने इस साल मई माह में जिले का पहला सी-मार्ट का लोकार्पण किया। यह सी-मार्ट बेमेतरा के हृदय स्थल डीईओ ऑफिस के पास संचालित है। जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप ही जिले में सी-मार्ट बनने से अब एक ही छत के नीचे राशन सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद बाजार से किफायती दरों पर उपलब्ध हो रहे हैं।
सी-मार्ट मील का पत्थर साबित-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने सी-मार्ट मील का पत्थर साबित हो रहा है। वर्तमान में अलग-अलग समूह की महिलाओं द्वारा गांवों में उत्पाद तैयार किये जाते हैं, जिन्हें हाट बाजार एवं आसपास के दुकानदारों को बेचकर मुनाफा कमाती हैं, लेकिन सी-मार्ट के खुलने से इन ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद को शहरों में आसानी से बेच सकेंगे और शहरों के अन्य दुकानदार भी यहां से सामान खरीद सकेंगे।
महिला समूहों को मिलेगी नई पहचान-पारंपरिक उत्पादकों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रेडिंग एवं मार्केटिंग के बारे में विस्तार से महिला स्व सहायता समूहों को अवगत कराया जा रहा है। जिसके बारे में विभिन्न विभागों के समन्वय करते हुए उन्हें सिखाया जाएगा। इससे स्व सहायता समूहों की महिलाओं को नई पहचान मिलेगी और उनका गांव से निकलकर उत्पाद शहरों में आसानी से बिक सकेगा।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

अपना न्यूज़ पोर्टल - 9340765733

spot_img
spot_img
spot_img

Recent Posts

बरसात में सड़क हादसों पर ब्रेक: रायगढ़ पुलिस ने हाईवे पर मवेशियों के गले में पहनाए रेडियम बैंड, पशुपालकों से की बड़ी अपील

रायगढ़। बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा एवं घुमंतू मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रायगढ़ यातायात...

CHHATTISGARH NEWS

विद्यार्थियों के न्यायोचित विषयों का समाधान संवाद, पारदर्शिता एवं संस्थागत सुधारों से हो; हिंसक टकराव दुर्भाग्यपूर्ण : अभाविपप्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं संस्थागत सुधार...

संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ एवं राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों का माध्यम नहीं बनेगा विद्यार्थी: अभाविपअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जंतर-मंतर पर नीट-यूजी सहित विभिन्न शिक्षा संबंधी विषयों...

RAIGARH NEWS

बरसात में सड़क हादसों पर ब्रेक: रायगढ़ पुलिस ने हाईवे पर मवेशियों के गले में पहनाए रेडियम बैंड, पशुपालकों से की बड़ी अपील

रायगढ़। बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा एवं घुमंतू मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रायगढ़ यातायात...