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महतारी गौरव वर्ष’ : महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

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रायपुर, 07 मार्च 2026 :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह पहल केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि महिलाओं को राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में स्थापित करने का सशक्त संकल्प है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

विश्वास से निर्माण और अब गौरव की ओर
मुख्यमंत्री  साय ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष को ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में शासन-प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना को समर्पित किया। इसके बाद दूसरे वर्ष को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति दी गई। अब तीसरा वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में माताओं और बहनों को समर्पित किया गया है, जिसमें राज्य की अधिकांश योजनाओं का केंद्रबिंदु महिलाएं होंगी। यह क्रम सरकार की संवेदनशील और समावेशी विकास की सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

महतारी वंदन योजना : आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आधार
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। अब तक 15 हजार 595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से महिलाओं को दी जा चुकी है। हाल ही में 24वीं किस्त के रूप में 68 लाख से अधिक महिलाओं को 641 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।यह नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। कई महिलाएं इस राशि को केवल घरेलू खर्च तक सीमित न रखकर स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं।

संघर्ष से स्वावलंबन तक

संघर्ष से स्वावलंबन तक : रोहनी पटेल की प्रेरक कहानी
बालोद जिले के ग्राम खैरडीह की रोहनी पटेल इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। पति की असमय मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। घर में वृद्ध सास की देखभाल और कॉलेज में पढ़ रहे दो बच्चों की पढ़ाई की चिंता उनके लिए बड़ी चुनौती थी।ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना से मिलने वाली राशि को उन्होंने सावधानीपूर्वक बचत कर अपने खेत में सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू किया। बीज, खाद और कृषि सामग्री की व्यवस्था कर उन्होंने पूरी मेहनत से खेती की।
आज रोहनी पटेल अपने खेत में उगाई गई ताजी सब्जियों को स्थानीय बाजारों में बेचकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई भी निर्बाध रूप से जारी है। उनका यह प्रयास गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुका है।

महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

बिहान से बदली जिंदगी : ‘लखपति दीदी’ बनीं माहेश्वरी यादव
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की माहेश्वरी यादव भी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल हैं। पहले उनका जीवन सामान्य गृहिणी की तरह घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया।
समूह के सहयोग और परिवार के समर्थन से उन्होंने गांव में एक छोटी किराना दुकान शुरू की। अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के बल पर यह दुकान धीरे-धीरे गांव में भरोसेमंद केंद्र बन गई। आज इस दुकान से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये की आय हो रही है और वे ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इससे उनके बच्चों की शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आधुनिक तकनीक से नई पहचान : ‘ड्रोन दीदी’ सुश्री सीमा वर्मा

आधुनिक तकनीक से नई पहचान : ‘ड्रोन दीदी’ सुश्री सीमा वर्मा
बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र की सुश्री सीमा वर्मा ने भी यह साबित किया है कि अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती हैं।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने पहले मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया और बाद में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया।
आज सीमा वर्मा किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कर रही हैं और इस कार्य से उन्हें सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है। गांव में लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानते हैं।

बजट में महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8 हजार 245 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
आंगनबाड़ी एवं पोषण योजनाओं के लिए 2 हजार 320 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये, मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये तथा रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त 750 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये और 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह बजटीय प्रावधान महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा की सुदृढ़ व्यवस्था
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रभावी तंत्र विकसित किया है। वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के माध्यम से संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

स्वावलंबन से नेतृत्व तक
प्रदेश में 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को रियायती ऋण प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। रेडी-टू-ईट कार्य महिला समूहों को सौंपे जाने से उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिला है। इसके साथ ही डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा, सिलाई मशीन सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना और लखपति दीदी जैसी पहलें महिलाओं को नए आजीविका अवसर प्रदान कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त आधारशिला
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से राज्य को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य तत्व माना गया है।
‘महतारी गौरव वर्ष’ केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का व्यापक अभियान है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आया है। आज प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता, नवाचार और नेतृत्व के साथ विकास की नई कहानी लिख रही हैं। यही सशक्त मातृशक्ति विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला बनेगी।

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चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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