नवंबर में कई प्रमुख धार्मिक पर्वों के साथ ग्रहों के गोचर में भी होगा बदलाव, 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी और 21 नवंबर को तुलसी विवाह
नवंबर 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस महीने दिवाली, धनतेरस, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे। इसके साथ ही कई ग्रहों की चाल में बदलाव भी देखने को मिलेगा। महीने की शुरुआत अहोई अष्टमी व्रत से होगी। वहीं, पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी 1 नवंबर को बनने की जानकारी दी गई है।
नवंबर में कब है धनतेरस और दिवाली?
हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दिवाली पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है।
दी गई जानकारी के अनुसार, नवंबर में प्रमुख पर्वों की तारीखें इस प्रकार हैं:
- 1 नवंबर: अहोई अष्टमी
- 5 नवंबर: रमा एकादशी
- 6 नवंबर: धनतेरस
- 7 नवंबर: छोटी दिवाली
- 8 नवंबर: दिवाली
- 9 नवंबर: कार्तिक अमावस्या
- 20 नवंबर: देवउठनी एकादशी
- 21 नवंबर: तुलसी विवाह
छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा की सही तारीखों के लिए स्थानीय पंचांग का मिलान करना उचित रहेगा।
देवउठनी एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी को हरि प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। इसी के साथ विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।
देवउठनी एकादशी के अगले दिन तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के विवाह की परंपरा निभाई जाती है।
नवंबर में ग्रहों के गोचर में भी बदलाव
नवंबर के दौरान सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के गोचर को लेकर भी ज्योतिषीय गतिविधियां चर्चा में रहेंगी। दी गई जानकारी के मुताबिक, 6 नवंबर को शुक्र का कन्या राशि में, 12 नवंबर को मंगल का सिंह राशि में और 13 नवंबर को बुध का सिंह राशि में गोचर बताया गया है। इसके बाद 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है। वहीं, 22 नवंबर को शुक्र के तुला राशि में गोचर का उल्लेख है।











