






रायगढ़, लैलूँगा रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया { आदिवासी }

नई दिल्ली। देश की राजधानी में आज आदिवासी राजनीति का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला, जब Rahul Gandhi ने इंदिरा भवन (AICC) में देशभर से पहुंचे आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद किया। यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि अधिकारों की लड़ाई को नई धार देने वाला मंच साबित हुई।
इस अहम कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष जनक राम ध्रुव और रायगढ़ जिलाध्यक्ष दिलीप केरकेट्टा की मौजूदगी ने क्षेत्रीय मुद्दों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया। दोनों नेताओं ने आदिवासी समाज के ज्वलंत सवालों को मजबूती से उठाया, जिससे सभा का माहौल पूरी तरह संघर्षमय और जोशीला हो गया।
कार्यक्रम की अगुवाई करते हुए आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और नेशनल कॉर्डिनेटर के. राजू सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में “जल, जंगल और जमीन” के अधिकारों पर खुलकर चर्चा हुई और संविधान में मिले अधिकारों को जमीनी स्तर तक लागू करने पर जोर दिया गया।
All India Congress Committee के इस संवाद कार्यक्रम में नेताओं ने साफ संदेश दिया कि अब आदिवासी समाज अपने हक के लिए पीछे हटने वाला नहीं है। युवाओं को जागरूक करने और संगठन को मजबूत करने पर विशेष रणनीति बनाई गई।
बड़ा संदेश:
अब लड़ाई सिर्फ मुद्दों की नहीं, बल्कि हक और पहचान की है… और इसकी गूंज दिल्ली से लेकर गांव-गांव तक सुनाई देने वाली है!







