लैलूंगा विकासखंड में इन दिनों कुँजारा–तोलगे सड़क को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो चुनाव नज़दीक हों। एक ओर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे चुके रवि भगत सक्रिय हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेसी नेताओं सड़क के मरम्मत कार्य का श्रेय लेने की होड़ में दिखाई दे रहे हैं।
लेकिन क्षेत्र की जनता भली-भांति जानती है कि विकास कार्य किस सरकार के कार्यकाल में गति पकड़ रहे हैं। वर्षों से लंबित रही अनेक मांगें आज पूरी होती दिखाई दे रही हैं। सड़क निर्माण, बड़ी पुलियाएं, सीसी रोड, छात्रावास सहित अनेक विकास कार्य लैलूंगा क्षेत्र में लगातार स्वीकृत और क्रियान्वित हो रहे हैं।
यह भी किसी से छिपा नहीं है कि वर्तमान में लैलूंगा से कांग्रेस की विधायक हैं और इससे पहले भी कांग्रेस की सरकार तथा कांग्रेस के विधायक रहे। इसके बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। आज छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों को नई गति मिली है।
भाजपा सरकार के नेतृत्व में प्रदेश के विकास का जो संकल्प लिया गया है, वह धरातल पर दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” का संकल्प आज लैलूंगा सहित पूरे प्रदेश में सार्थक होता नजर आ रहा है।
विधायक निधि से छोटे-मोटे कार्य कराना अलग बात है, लेकिन क्षेत्र की वर्षों पुरानी आधारभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कराना सरकार की इच्छाशक्ति और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जनता सब देख रही है, जनता सब समझ रही है। विकास का श्रेय उसी को मिलेगा जिसने वास्तव में विकास किया है।
दिनेश कुमार यादव








