धरमजयगढ़़। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि सेवाओं के डिजिटलीकरण एवं किसानों को एकीकृत पहचान प्रदान करने के उद्देश्य से एग्रीस्टैक (AgriStack) किसान पंजीयन अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार धान उपार्जन, किसान पंजीयन तथा विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पात्र किसान का व्यक्तिगत एग्रीस्टैक किसान आईडी बनाया जाना आवश्यक किया गया है।
इसी क्रम में जिले की सहकारी समितियों द्वारा किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। समिति प्रबंधन फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश, ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी तथा अन्य संचार माध्यमों से किसानों को समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील कर रहा है। शासन के निर्देशानुसार जिन खातों में एक से अधिक हिस्सेदार किसान दर्ज हैं, उन सभी का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य किया गया है। अब केवल नंबरदार अथवा मुखिया किसान का पंजीयन पर्याप्त नहीं माना जाएगा। प्रत्येक हिस्सेदार किसान को अपना आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ पंजीयन कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में धान विक्रय सहित किसी भी शासकीय कृषि योजना का लाभ लेने में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
बता दें,शासन की मंशा केवल पंजीयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई भी पात्र किसान किसी कारणवश सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार ऐसे किसानों तक भी सहकारी समितियों की टीम पहुंच रही है, जो वृद्धावस्था, बीमारी अथवा शारीरिक असमर्थता के कारण समिति कार्यालय तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इसी मानवीय संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण सहकारी समिति मर्यादित खम्हार में देखने को मिला। ग्राम चाल्हा निवासी किसान घुरसाय पिता बंठू लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित होने के कारण स्वयं समिति कार्यालय पहुंचने में असमर्थ थे। किसान की स्थिति की जानकारी मिलते ही समिति के प्रबंधक दया पटेल ने तत्परता दिखाते हुए समिति के कर्मचारियों के साथ किसान के घर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित समिति कार्यालय तक लाने की व्यवस्था की। वहां आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूर्ण कर किसान का एग्रीस्टैक किसान पंजीयन कराया गया।
और वहीं समिति की इस संवेदनशील एवं सेवा-भावना से परिपूर्ण पहल की ग्रामीणों एवं किसानों ने मुक्तकंठ से सराहना की। किसानों का कहना है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होगा, जब प्रत्येक पात्र किसान तक योजनाओं का लाभ समान रूप से पहुंचे। और वहीं खम्हार समिति द्वारा बीमार किसान के घर पहुंचकर किया गया यह प्रयास न केवल प्रशासनिक उत्तरदायित्व का उदाहरण है, बल्कि किसान हितों के प्रति समर्पित कार्यसंस्कृति का भी परिचायक है।
बहरहाल छत्तीसगढ़ शासन का एग्रीस्टैक अभियान भविष्य की कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक किसान के लिए समय-सीमा के भीतर अपना एग्रीस्टैक पंजीयन पूर्ण कराना आवश्यक है, ताकि धान उपार्जन, कृषि अनुदान, बीमा, ऋण, सब्सिडी एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी व्यवधान के प्राप्त होता रहे।








