जिला जांजगीर-चांपा
सावन माह के प्रथम सोमवार की पावन बेला में शिवभक्ति का अनुपम उदाहरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं के 35 सदस्यीय जत्थे ने बिहार के पवित्र तीर्थ सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी की और झारखंड स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय बाबा बैद्यनाथ” के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था पूरे मार्ग में देखने योग्य रही। बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं ने देश, प्रदेश तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की।
इस पावन कांवड़ यात्रा में मोहनलाल यादव, ओमप्रकाश पटेल, हर्षित यादव, भुवनेश्वर पटेल, चैतू पटेल, वेदांत पटेल, संदीप यादव, जागृति यादव, डलेश्वरी पटेल, विजय पांडे, केरा साथी, भोला, गोलू कश्यप, राय सागर, अवध पटेल, रघुनाथ यादव, डोरी यादव, उमेंद्र कष सहित कुल 35 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ यात्रा पूर्ण की।
श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रथम सावन में बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल अर्पित करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ यात्रा पूरी की। स्थानीय लोगों ने भी जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत कर जलपान एवं विश्राम की व्यवस्था की, जिससे यात्रा और भी प्रेरणादायक बन गई।
बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना करते हुए सुरक्षित यात्रा पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की








