


देवेन्द्र जायसवाल की विशेष रिपोर्ट
लोरमी/डिंडौरी। चौकी डिंडौरी पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। ग्राम घानाघाट में 24 वर्षीय अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के दौरान हत्या की पूरी कहानी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मृतक को आरोपियों ने घर बुलाकर दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाई और बेहोश होने के बाद गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
महाराष्ट्र में साथ रहने के दौरान बने अवैध संबंध, वीडियो बना बना मुसीबत
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल, आरोपी मुकेश पटेल और उसकी पत्नी मनीषा पटेल करीब तीन वर्ष पहले मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे। वहां तीनों एक ही कमरे में रहते थे और साथ खाना-पीना तथा मजदूरी करते थे।
इसी दौरान पुलिस के अनुसार अरूण और मनीषा के बीच संबंध बन गए। आरोप है कि शारीरिक संबंध के दौरान मृतक ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया था। गांव लौटने के बाद वह कथित वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मनीषा को ब्लैकमेल करने लगा था।
खुशहाल परिवार बर्बाद होने के डर से रची हत्या की साजिश!
पुलिस के अनुसार लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान मनीषा ने मामले की जानकारी अपने पति मुकेश को दी। दोनों ने मृतक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद कथित तौर पर पति-पत्नी ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
घर बुलाया, दूध में नींद की दवा मिलाई और फिर…
जांच के अनुसार आरोपियों ने अरूण को अपने घर बुलाया और दूध में नींद की दवा मिलाकर पिला दी। इसके बाद जब वह बेहोश हो गया तो उसके गले में गमछा कसकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को ग्राम घानाघाट में रामचंद पटेल के घर के पास फेंक दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया गया था।
30 जुलाई की रात मिला था शव
मृतक अरूण पटेल का शव 30 जुलाई 2026 की रात ग्राम घानाघाट में रामचंद के घर के पास संदिग्ध हालत में मिला था। सूचना पर चौकी डिंडौरी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी लोरमी के मार्गदर्शन में की गई जांच के दौरान हत्या का राज खुला।
पति-पत्नी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल
मर्ग जांच में हत्या के तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 112/26 के तहत धारा 103, 238(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी मुकेश पटेल और मनीषा बाई पटेल, दोनों निवासी घानाघाट, चौकी डिंडौरी, थाना चिल्फी, जिला मुंगेली को गिरफ्तार कर न्यायालय लोरमी में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरे मामले के पर्दाफाश में निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्रा, उपनिरीक्षक मानसिंह, महिला सहायक उपनिरीक्षक रामकुमारी यादव, प्रधान आरक्षक 67 श्याम डहरिया, प्रधान आरक्षक 361 गुलाब सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक 260 चिंताराम कश्यप, महिला आरक्षक 385 संगीता बर्मन, आरक्षक 320 नमित सिंह, आरक्षक 217 मनोज राजपूत, आरक्षक 101 पवन गंधर्व, आरक्षक 421 बंशी कंवर, आरक्षक संजय पात्रे, आरक्षक 132 नागेश साहू और आरक्षक 440 मनीष प्रधान की अहम भूमिका रही।
पुलिस की तफ्तीश ने आखिरकार संदिग्ध मौत के पीछे छिपे हत्या के राज का पर्दाफाश कर दिया और पति-पत्नी दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।







