कोटवारों की बैठक लेकर साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी, ग्रामीणों को भी किया गया जागरूक

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा रायगढ़
रायगढ़, 27 अगस्त। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेश में 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रायगढ़ जिले में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में तैयार कार्ययोजना के अनुसार पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न स्तरों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज थाना घरघोड़ा एवं थाना लैलूंगा में क्षेत्र के ग्राम कोटवारों को आहूत कर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया तथा अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी और कार्ययोजना की जानकारी दी गई।
थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा ग्राम कोटवारों की बैठक लेकर उन्हें साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप और इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कोटवारों को बताया गया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इनमें फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजना, OTP एवं PIN पूछना, ऑनलाइन नौकरी एवं लोन का झांसा देना, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देना तथा निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देना प्रमुख हैं।
पुलिस ने कोटवारों से कहा कि वे अपने-अपने गांवों में ग्रामीणों को समझाएं कि OTP, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड एवं UPI PIN किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध एप डाउनलोड अथवा स्क्रीन शेयर न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें तथा नजदीकी थाना/साइबर सेल को सूचना दें। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।
इसी प्रकार थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा थाना परिसर में क्षेत्र के ग्राम कोटवारों की बैठक लेकर जिले में संचालित “साइबर जागृति अभियान” की जानकारी दी गई। थाना प्रभारी ने कोटवारों को साइबर ठगों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों के बारे में बताते हुए ग्रामीणों को सतर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से फर्जी कॉल, व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया लिंक, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, QR कोड के माध्यम से ठगी और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की समझाइश दी।
पुलिस ने कहा कि पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए किसी व्यक्ति के कहने पर पैसे प्राप्त करने के नाम पर UPI PIN न डालें। अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप का उपयोग न करें और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से प्राप्त लिंक या वीडियो कॉल से सावधान रहें। कोटवारों से आग्रह किया गया कि वे गांवों में होने वाली बैठकों, चौपालों एवं जनसंपर्क के दौरान इन महत्वपूर्ण सावधानियों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
वित्तीय संस्थानों के साथ गांवों में भी पहुंच रहा साइबर जागरूकता अभियान
इसी कड़ी में थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक के नेतृत्व में भूपदेवपुर पुलिस द्वारा प्रतिदिन वित्तीय संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आज थाना भूपदेवपुर की टीम द्वारा ग्राम कछार में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने, अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने, OTP एवं UPI PIN किसी को नहीं बताने तथा ऑनलाइन ठगी के मामलों में तत्काल शिकायत करने की जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों एवं कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को भी सतर्क करने की अपील की गई।
छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” का उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और सतर्क नागरिक–सुरक्षित समाज की दिशा में सामूहिक प्रयास को मजबूत करना है। पुलिस द्वारा अभियान के दौरान जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।







