बलौदाबाजार जिले में बीते 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश और गंगरेल बांध के सभी गेट खोले जाने के बाद महानदी (Mahanadi Baadh) का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जिले के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। नदी किनारे बसे कई गांवों में पानी पहुंचने लगा है और जिला प्रशासन ने राहत व बचाव कार्यों की निगरानी बढ़ा दी है।
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों के लिए रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था करने को भी कहा गया है। कलेक्टर ने एसडीएम पलारी को विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत व्यवस्था पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
गांव-गांव पहुंच रही प्रशासनिक टीमें, SDRF अलर्ट पर
शनिवार सुबह करीब 7 बजे से प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं। स्थानीय सरपंचों और कोटवारों को स्थिति के अनुसार जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। राजस्व विभाग के अमले के साथ-साथ SDRF की टीमें भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
महानदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
मौके का जायजा लेने पहुंची टीम के अनुसार दीघा से लेकर पृथ्वीराज और नगरी क्षेत्र तक महानदी का पानी लगातार बढ़ता देखा गया। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे आसपास के नालों में भी पानी का बहाव तेज हो गया है। कुछ जगहों पर नालों का पानी सड़कों पर बहते हुए देखा गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
आगे और बिगड़ सकते हैं हालात, प्रशासन की अपील
गंगरेल बांध के गेट खुलने के बाद महानदी में जलप्रवाह बढ़ने का असर बलौदाबाजार जिले के निचले इलाकों में साफ नजर आ रहा है। प्रशासन ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, और कहा है कि स्थिति बिगड़ने पर बिना देरी किए सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। Mahanadi Baadh की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।






