Raigarh News: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं किस तरह मुश्किल वक्त में सहारा बन रही हैं, रायगढ़ के भगवानपुर निवासी मुकेश यादव की कहानी इसका उदाहरण है। बेटी के पैर में लगातार दर्द रहने के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। इलाज में करीब पांच से छह लाख रुपये का खर्च बताया गया, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि इतना बड़ा खर्च उठा सके। ऐसे समय में आयुष्मान कार्ड उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया।
आयुष्मान योजना से मिला करीब एक लाख रुपये का उपचार लाभ
मुकेश यादव के मुताबिक, बेटी के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन की जरूरत बताई थी। संभावित खर्च सुनकर परिवार की चिंता बढ़ गई, क्योंकि इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए मुश्किल था।
इसी दौरान डॉक्टरों ने उन्हें आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज की सुविधा के बारे में जानकारी दी। इसके बाद मुकेश अपनी बेटी को लेकर एम्स पहुंचे, जहां आयुष्मान योजना के अंतर्गत उसका उपचार किया गया।
मुकेश बताते हैं कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बेटी के इलाज में करीब एक लाख रुपये की सहायता मिली। इससे परिवार पर आने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हुआ और बेटी का जरूरी उपचार संभव हो सका।
आर्थिक परेशानी के बीच मिला इलाज का सहारा
मुकेश यादव ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बेटी के ऑपरेशन को लेकर वह काफी चिंतित थे। अगर आयुष्मान कार्ड की सुविधा नहीं मिलती तो इतने बड़े ऑपरेशन का खर्च उठाना उनके लिए बेहद मुश्किल होता।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड ने कठिन समय में उनके परिवार को आर्थिक राहत दी और बेटी का इलाज कराने में मदद मिली।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
मुकेश यादव ने आयुष्मान कार्ड जैसी स्वास्थ्य सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसी योजनाएं इलाज के दौरान बड़ी मददगार साबित हो रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुकेश यादव का परिवार भी इसी पहल के जरिए स्वास्थ्य सुविधा का लाभ पाने वाले परिवारों में शामिल हुआ है।






