Raigarh News: रायगढ़ जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का बेहतर माहौल तैयार करने ‘खिलौना बैंक’ की शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों से घर में रखे उपयोगी और अच्छी स्थिति वाले खिलौने खिलौना बैंक में दान करने की अपील की है।
बच्चों के विकास में खिलौनों की अहम भूमिका
0 से 6 वर्ष की उम्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और रचनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस उम्र में खेल और खिलौनों के माध्यम से बच्चों में सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और सामाजिक व्यवहार को विकसित करने में मदद मिलती है।
इसी उद्देश्य से जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक बनाए गए हैं। यहां नागरिक अपने घरों में रखे ऐसे खिलौने दान कर सकते हैं, जो उपयोगी हों और अच्छी स्थिति में हों।
बच्चों की जरूरत के अनुसार होगा खिलौनों का उपयोग
खिलौना बैंक में एकत्रित किए गए खिलौनों का उपयोग बच्चों की उम्र और आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों में किया जाएगा। इसके जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए सीखने के साथ मनोरंजन का वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर में रखे उपयोगी खिलौने दान कर इस पहल से जुड़ें। प्रशासन के मुताबिक, नागरिकों का छोटा सा सहयोग आंगनबाड़ी के बच्चों की खुशियों के साथ उनके बेहतर विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।






