SIR Protest: बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज और CJP से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए, जबकि कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों से SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाले लोग अपनी बात रखने पहुंचे।
बेंगलुरु। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच गुरुवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े लोगों और नागरिक समाज समूहों की भागीदारी से किया गया। ट्रिब्यूनल में कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों से ऐसे लोग पहुंचे, जिन्होंने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या इससे जुड़ी समस्याओं का दावा किया।
ध्रुव राठी और प्रकाश राज की मौजूदगी
कार्यक्रम में YouTuber और राजनीतिक टिप्पणीकार ध्रुव राठी तथा अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज की प्रमुख मौजूदगी रही। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की थी। ध्रुव राठी ने भी बेंगलुरु पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने की जानकारी साझा की।
प्रकाश राज ने कार्यक्रम में नागरिकों से शामिल होने की अपील की थी। वहीं आयोजकों के मुताबिक, ट्रिब्यूनल का उद्देश्य SIR प्रक्रिया को लेकर लोगों की शिकायतों और अनुभवों को सार्वजनिक मंच पर सामने लाना है।
SIR से प्रभावित लोगों ने रखी अपनी बात
‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ में कर्नाटक के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी अपनी शिकायतें और अनुभव साझा किए। आयोजकों का दावा है कि कुछ लोगों के नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए हैं और ऐसे मामलों को इस मंच के जरिए सामने लाया जा रहा है।
CJP की ओर से SIR को लेकर कई मांगें भी उठाई गई हैं। इनमें SIR पर रोक, पूर्व मतदाता सूची बहाल करने और चुनाव आयोग से जुड़े कुछ मुद्दों पर कार्रवाई की मांग शामिल है। ये मांगें आयोजक संगठन के पक्ष के रूप में सामने आई हैं।
पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद ‘चप्पल प्रदर्शन’
पीपुल्स ट्रिब्यूनल के बाद फ्रीडम पार्क में ‘चप्पल प्रदर्शन’ का भी आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस प्रदर्शन को महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे से जोड़ा गया है।
बेंगलुरु का यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है जब SIR और मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों, नागरिक संगठनों और अन्य समूहों के बीच बहस तेज है। CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन की योजना की है।






