निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में औद्योगिक विकास, रोजगार और कौशल प्रशिक्षण की समीक्षा; पारंपरिक झारा शिल्प को बढ़ावा देने पर भी जोर
रायगढ़, 14 अक्टूबर 2026। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश से जुड़े लंबित प्रकरणों का निराकरण करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में उद्योगों से संबंधित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और उद्योग प्रतिनिधियों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उद्योगों से जुड़े लंबित प्रकरणों का जल्द होगा निराकरण
बैठक में सिंगल विंडो प्रणाली के लंबित प्रकरणों, लैंड बैंक, औद्योगिक भूमि के संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन, शासकीय भूमि के खसरा अंतरण, भूमि अर्जन, नवीन निवेश और स्टार्टअप सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। इसके अलावा एक जिला-एक उत्पाद और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से कहा कि उद्योगों के संचालन या विस्तार में आने वाली समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि नियमों के अनुरूप आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
रायगढ़ के पारंपरिक झारा शिल्प को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत जिले के पारंपरिक झारा शिल्प को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि झारा शिल्प रायगढ़ की विशिष्ट पहचान है और इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने, शिल्प का प्रचार-प्रसार करने तथा इसके विकास में सहयोग करने की अपील की। उद्योगों की सहभागिता और सुझावों से पारंपरिक कला को नए अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई।
अप्रेंटिसशिप से युवाओं को जोड़ने के निर्देश
युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के तहत उद्योगों को पंजीयन कराने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रशिक्षण के दौरान युवाओं की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को युवाओं की काउंसलिंग करने तथा उन्हें अप्रेंटिसशिप से मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव और रोजगार में इसके महत्व की जानकारी देने को कहा। इससे युवा प्रशिक्षण पूरा कर उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित कर सकेंगे।
नालंदा परिसर में इन्क्यूबेशन सेंटर की तैयारी
कलेक्टर ने बताया कि रायगढ़ के नालंदा परिसर में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके आगामी तीन से चार महीनों में पूरा होने की संभावना है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से इस केंद्र का अधिकतम लाभ उठाने और नवाचार, नए उद्यमों तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की अपील की।
पीएम-सेतु योजना से पांच शासकीय आईटीआई का होगा उन्नयन
बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम-सेतु योजना के तहत रायगढ़ जिले के पांच शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक तकनीक से उन्नत किया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना और भविष्य के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है।
कलेक्टर ने बड़े उद्योगों से योजना में सहयोग करने और समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से आईटीआई के उन्नयन में भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इससे प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक लुइस कुमार लकड़ा, महाप्रबंधक अंजू नायक, संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।











