किसानों से दुर्व्यवहार, जबरन वसूली और अनियमितताओं की शिकायतों पर कार्रवाई; रायगढ़, खरसिया और लैलूंगा में 12 कर्मचारियों का स्थानांतरण
रायगढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से सहकारिता विभाग ने कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त और तीन को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा धान खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रायगढ़, खरसिया और लैलूंगा विकासखंडों में 12 कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।
पिछले साल की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी के दौरान कुछ कर्मचारियों के खिलाफ किसानों को परेशान करने, जबरन वसूली, मनमाने तरीके से टोकन काटने, दुर्व्यवहार और बिना सूचना अनुपस्थित रहने जैसी शिकायतें मिली थीं।
इन मामलों में संबंधित कर्मचारियों को 14 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 3 सितंबर को स्मरण पत्र भी भेजा गया। विभाग के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों ने जवाब प्रस्तुत नहीं किया या उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद पदीय कर्तव्यों में गंभीर चूक मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
लैलूंगा में चार कर्मचारी बर्खास्त, तीन निलंबित
लैलूंगा विकासखंड की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत चार कर्मचारियों को पद से बर्खास्त किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- लालकुमार सिदार — डाटा एंट्री ऑपरेटर, केशला समिति
- टिकेश्वर पटेल — लिपिक, लिबरा समिति
- हेमसागर मालाकार — डाटा एंट्री ऑपरेटर, कोड़ासिया समिति
- विष्णु प्रधान — डाटा एंट्री ऑपरेटर, लारीपानी समिति
वहीं, तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें लिबरा समिति के डाटा एंट्री ऑपरेटर लुकेश्वर यादव, लैलूंगा समिति के डाटा एंट्री ऑपरेटर अवधेश पैंकरा और लारीपानी समिति के सहायक लिपिक पिताम्बर बैरागी शामिल हैं।
रायगढ़ और खरसिया में भी बदले गए कर्मचारियों के कार्यस्थल
धान खरीदी की तैयारियों के तहत 13 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, 12 कर्मचारियों को आगामी आदेश तक नए पदस्थापना स्थलों पर भेजा गया है।
रायगढ़ विकासखंड में तीन स्थानांतरण
- उज्ज्वल प्रसाद पटेल: भातपुर से कांटाहरदी
- राजेश कुमार पटेल: कांटाहरदी से कछार
- कौशल प्रसाद साहू: कछार से भातपुर
खरसिया विकासखंड में आठ स्थानांतरण
- कैलाश पटेल: चपले से बरगढ़
- रामखिलावन राठौर: खरसिया से जैमुरा
- मनोज राठौर: हालाहुली से तुरेकेला
- संतोष राठौर: हालाहुली से बानीपाथर
- संजय पाण्डे: बानीपाथर से हालाहुली
- डंकेश्वर डनसेना (मानू): जैमुरा से हालाहुली
- जनक पटेल: बानीपाथर से चपले
- गेंदलाल श्रीवास: चपले से बानीपाथर
लैलूंगा विकासखंड में एक स्थानांतरण
- त्रिलोचन बेहरा: कोड़ासिया से लैलूंगा
पिछले धान खरीदी सीजन में लागू था एस्मा
प्रशासन ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी कार्य में संलग्न कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (एस्मा) लागू किया गया था। इसे 14 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र के असाधारण अंक क्रमांक 868 के माध्यम से लागू किया गया था।
किसानों के हितों से समझौता नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों के साथ दुर्व्यवहार, अवैध वसूली और काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।











