शास्त्रीय नृत्य की शानदार प्रस्तुति से निर्णायकों को किया प्रभावित, गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू के मार्गदर्शन में मिली सफलता
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की नृत्य प्रतियोगिता में प्रियांशु सिंह देव ने भरतनाट्यम की उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान हासिल किया है। आर्ट एंड इंडियन डांस एसोसिएशन (AIDA) के तत्वावधान में 16 से 26 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगिता के तीसरे दिन ओपन एज कैटेगरी में प्रियांशु ने अपनी प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित करते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
शास्त्रीय मुद्राओं और भावाभिनय का दिखा शानदार संगम
प्रियांशु सिंह देव की प्रस्तुति में भरतनाट्यम की पारंपरिक मुद्राओं, लय-ताल, भावाभिनय और अंग-संचालन का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। उनकी सधी हुई नृत्य शैली और आत्मविश्वासपूर्ण मंचीय अभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
भरतनाट्यम में तकनीकी दक्षता, शारीरिक संतुलन, ताल की समझ और भावों की स्पष्ट अभिव्यक्ति का विशेष महत्व होता है। प्रियांशु ने इन सभी पहलुओं का संतुलित प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू के मार्गदर्शन में मिली सफलता
प्रियांशु सिंह देव नृत्यार्थी कलाक्षेत्रम के गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू के मार्गदर्शन में भरतनाट्यम का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि को निरंतर अभ्यास, अनुशासन और नृत्य के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध का विशेष महत्व है। गुरु के मार्गदर्शन में कलाकार अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ कला की बारीकियों और सांस्कृतिक मूल्यों को भी आत्मसात करते हैं। प्रियांशु की सफलता में उनकी मेहनत के साथ गुरु का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर प्रतिभा दिखाने का मिला अवसर
AIDA के तत्वावधान में आयोजित यह प्रतियोगिता देशभर के कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रही है। ऐसे आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपराओं को प्रोत्साहित करने और उभरती प्रतिभाओं को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भरतनाट्यम अपनी विशिष्ट मुद्राओं, लयबद्ध गतियों और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए जाना जाता है। इस विधा में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए नियमित साधना और अनुशासन आवश्यक है। प्रियांशु की उपलब्धि उनकी निरंतर कला-साधना और शास्त्रीय नृत्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उपलब्धि से गुरुजनों और शुभचिंतकों में हर्ष
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना प्रियांशु सिंह देव के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी सफलता से गुरुजनों, परिवार और कला से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।











