23 अक्टूबर की सुबह तीन देशों में 4.1 से 4.9 तीव्रता के भूकंप दर्ज; तिब्बत में 46 लोग घायल, 339 मकान क्षतिग्रस्त या ध्वस्त होने की खबर
वर्ल्ड न्यूज। भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, इन क्षेत्रों में भूकंप की तीव्रता क्रमशः 4.1, 4.4 और 4.9 दर्ज की गई। हालांकि, तीनों तीव्रताओं का संबंधित देशों से सटीक मिलान और इन झटकों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्पष्ट नहीं है।
इससे एक दिन पहले, गुरुवार 22 अक्टूबर को चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने की खबर सामने आई थी। इस घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। भूकंप से कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ इलाकों में सड़क और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, तिब्बत में भूकंप गुरुवार रात 10:33 बजे आया। इसका केंद्र नाग्कू से लगभग 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में और क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा से करीब 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में पहाड़ी क्षेत्र में बताया गया है।
चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि भूकंप में 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 11 की हालत गंभीर है। इसके अलावा, 339 मकानों के ढहने या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है।
भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के साथ नुकसान का आकलन किए जाने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण वहां भूस्खलन और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।
संचार सेवाएं प्रभावित, राजमार्ग का हिस्सा बंद
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, भूकंप के कारण कुछ इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों को रोकने के लिए भी आपात कदम उठाए गए।
भूकंप के बाद चट्टानें खिसकने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-317 का एक हिस्सा बंद होने की जानकारी भी सामने आई है। इससे प्रभावित क्षेत्र में आवागमन और राहत कार्यों के सामने चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
अगले तीन दिनों में बर्फबारी की संभावना
शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में राहत एवं बचाव कार्य और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
तिब्बत में भूकंप से हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शुक्रवार सुबह महसूस किए गए झटकों के संबंध में नुकसान या जनहानि की पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं की गई है।











