मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 273 श्रद्धालुओं ने किए धार्मिक स्थलों के दर्शन, विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी मिल रहा अवसर
रायगढ़, 23 अक्टूबर 2026। जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संचालित इन योजनाओं के तहत जिले के 1,07,742 हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों और पात्र महिलाओं को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से धार्मिक यात्रा का सपना साकार
आर्थिक कठिनाइयों के कारण अनेक वरिष्ठ नागरिक जीवनभर प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन नहीं कर पाते। ऐसे लोगों की धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों के साथ विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं को भी तीर्थ यात्रा का अवसर मिल रहा है।
योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले के 273 तीर्थयात्रियों को विशेष भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से मथुरा, वृंदावन और कृष्ण जन्मभूमि की यात्रा कराई गई। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 205 और शहरी क्षेत्रों के 68 यात्री शामिल थे। इसी क्रम में जिले के 273 तीर्थयात्रियों के दूसरे जत्थे को शिरडी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के दर्शन के लिए रायगढ़ रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया।
नियमों में बदलाव से महिलाओं को भी मिला अवसर
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के संशोधित नियमों के तहत विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं के लिए आयु सीमा की बाध्यता समाप्त की गई है। इससे उन महिलाओं को भी योजना का लाभ लेने का अवसर मिला है, जो पहले निर्धारित आयु सीमा के कारण तीर्थ यात्रा नहीं कर पाती थीं।
रायगढ़ जिले की 31 विधवा और 2 परित्यक्त महिलाओं ने पहली बार इस योजना के तहत तीर्थ यात्रा की। इस पहल से महिलाओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलने के साथ सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
1,07,742 हितग्राहियों को मिल रही नियमित पेंशन
समाज कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम और राज्य पोषित योजनाओं के तहत वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा अन्य पात्र लोगों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। जिले में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों का विवरण इस प्रकार है।
- राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: 29,758 हितग्राही। 60 से 79 वर्ष की आयु के पात्र हितग्राहियों को 500 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के हितग्राहियों को 650 रुपये प्रतिमाह।
- विधवा पेंशन योजना: 10,091 हितग्राहियों को 500 रुपये प्रतिमाह।
- राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना: 1,196 हितग्राहियों को 500 रुपये प्रतिमाह।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: 20,657 हितग्राहियों को 500 रुपये प्रतिमाह।
- सुखद सहारा योजना: 7,660 हितग्राहियों को 500 रुपये प्रतिमाह।
- मुख्यमंत्री पेंशन योजना: 38,080 हितग्राहियों को 500 रुपये प्रतिमाह।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। जिले में इस योजना के तहत 300 हितग्राही लाभान्वित हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता जरूरतमंदों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद करती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन राशि नियमित आर्थिक सहारा उपलब्ध कराती है।
वृद्धाश्रम में ही हो रहा पेंशन का भुगतान
पेंशनधारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ स्थित वृद्धाश्रम में विशेष भुगतान व्यवस्था की गई है। इसके तहत कॉमन सर्विस सेंटर के प्रबंधक और वीएलई प्रत्येक माह वृद्धाश्रम पहुंचकर बायोमेट्रिक एवं आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से बुजुर्गों को पेंशन राशि का भुगतान करते हैं।
इस व्यवस्था से वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन निकालने के लिए बैंक जाने और लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से राहत मिलती है। शारीरिक कठिनाइयों या अन्य कारणों से बैंक तक पहुंचने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी है।
सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना विभाग का उद्देश्य
समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक शिवशंकर पांडेय ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद वर्गों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि तीर्थ दर्शन योजना बुजुर्गों की धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर देती है, जबकि पेंशन योजनाएं नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं। वृद्धाश्रम में सीधे पेंशन भुगतान की व्यवस्था से वरिष्ठ नागरिकों को सुविधाजनक तरीके से योजनाओं का लाभ मिल रहा है।











