गुमा सेवा सहकारी समिति के वित्तीय लेनदेन में अनियमितता का मामला; ब्लॉक कांग्रेस ने बैंक अधिकारियों के निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की, कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर। बिल्हा क्षेत्र की गुमा सेवा सहकारी समिति में चेक में कथित कूटरचना कर 3 लाख 38 हजार रुपये के गबन का मामला सामने आया है। समिति के अध्यक्ष राजकुमार बरगाह की शिकायत पर बिल्हा थाने में तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में तत्कालीन संस्था प्रबंधक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बिल्हा शाखा से जुड़े दो अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
तीन चेक में हेराफेरी का आरोप
शिकायत और उपलब्ध ऑडिट दस्तावेजों के अनुसार, समिति के प्रस्तावों में स्वीकृत राशि से अधिक रकम चेक में कथित ओवरराइटिंग और हेराफेरी के जरिए निकाली गई। आरोप है कि तीन चेकों के माध्यम से कुल 3 लाख 38 हजार रुपये का अतिरिक्त आहरण किया गया।
दस्तावेजों में दर्ज विवरण के मुताबिक:
- चेक क्रमांक 021914: 15 सितंबर 2025 को जारी इस चेक के लिए स्वीकृत राशि 51,900 रुपये बताई गई है, जबकि आहरित राशि 89,900 रुपये दर्ज होने का उल्लेख है।
- चेक क्रमांक 021019: 14 अक्टूबर 2025 के इस चेक में स्वीकृत राशि 1,82,080 रुपये के मुकाबले 2,82,080 रुपये निकाले जाने का आरोप है।
- चेक क्रमांक 016635: 19 जुलाई 2025 के इस चेक में स्वीकृत राशि 80,150 रुपये के स्थान पर 2,80,150 रुपये आहरित किए जाने की बात कही गई है।
शिकायत में तीनों चेकों की स्वीकृत राशि कुल 3,14,130 रुपये और आहरित राशि 6,52,130 रुपये बताई गई है। इस हिसाब से अंतर 3,38,000 रुपये का बनता है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में पहली चेक की राशि और कुल स्वीकृत राशि के आंकड़ों में अंतर है, जिसकी पुष्टि मूल बैंक रिकॉर्ड और ऑडिट दस्तावेजों से होना आवश्यक है।
शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी आरोप है कि संबंधित लेनदेन के समर्थन में वैध खर्च बिल और वाउचर उपलब्ध नहीं पाए गए।
तीन लोगों को बनाया गया आरोपी
इस मामले में जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई है, उनमें शामिल हैं:
- शरद कुमार कश्यप — तत्कालीन संस्था प्रबंधक, गुमा सेवा सहकारी समिति।
- हितेश सलूजा — सुपरवाइजर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, शाखा बिल्हा।
- लक्ष्मण कौशिक — शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, शाखा बिल्हा।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, निलंबन की मांग
मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने आपत्ति जताई है। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण आरोपी अग्रिम जमानत लेकर अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बिल्हा शाखा के प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलूजा को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय विशेष टीम गठित करने और कथित रूप से गबन की गई पूरी राशि की वसूली की मांग की गई है।











