
वायरल वीडियो ने खोली पोल! जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि, पटवारी निलंबित; 7 दिन में आरोप पत्र पेश करने का अल्टीमेटम
बिलासपुर |
बिलासपुर। शासकीय राजस्व कार्य के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप ने राजस्व विभाग में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों पर वायरल हुए वीडियो के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच प्रतिवेदन में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया प्रशासन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पूर्व में पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे और वर्तमान में तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में कार्यरत थे। शासकीय राजस्व कार्य के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और लेने से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। मामले की जांच तहसीलदार पचपेड़ी को सौंपी गई। तहसीलदार ने 28 अक्टूबर 2026 को अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।
कलेक्टर का सख्त रुख, तत्काल निलंबन
जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने संबंधित पटवारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया। आदेश में संबंधित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कृत्य शासन की छवि को धूमिल करते हैं।
सात दिन में आरोप पत्र, आगे की कार्रवाई पर नजर
निलंबन अवधि में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वहीं, तहसीलदार पचपेड़ी को सात दिनों के भीतर संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व विभाग में जवाबदेही का संदेश
इस कार्रवाई को शासकीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी। रिश्वत के आरोपों से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर सरकारी सेवाओं में ईमानदारी और जनविश्वास बनाए रखने की जिम्मेदारी को चर्चा में ला दिया है।











