जशपुर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों पर अंकुश लगाने के लिए जशपुर पुलिस ने अनूठी पहल की है। पुलिस द्वारा शुरू किए गए ‘हेलमेट बैंक’ का बुधवार, 4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस लाइन जशपुर में फीता काटकर शुभारंभ किया। इस पहल के तहत अब हेलमेट नहीं होने या आर्थिक परेशानी के कारण किसी व्यक्ति को बिना हेलमेट सफर करने की मजबूरी नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर जशपुर पुलिस लोगों को अस्थायी रूप से हेलमेट उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों को वितरित किए हेलमेट
हेलमेट बैंक के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय स्वयं हेलमेट पहनने और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाने के साथ यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान, एसडीओपी निमितेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जरूरत पड़ने पर अस्थायी रूप से मिलेगा हेलमेट
जशपुर पुलिस की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हेलमेट के अभाव में किसी की जान जोखिम में न पड़े। यदि किसी व्यक्ति को अचानक कहीं जाना हो और उसके पास हेलमेट उपलब्ध न हो या आर्थिक परेशानी के कारण वह हेलमेट नहीं खरीद पाया हो, तो पुलिस हेलमेट बैंक से उसे अस्थायी रूप से हेलमेट दिया जाएगा।
संबंधित व्यक्ति अपना नया हेलमेट खरीद लेने के बाद पुलिस का हेलमेट वापस कर सकेगा। इसके साथ ही उसे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस की एक छोटी जनसेवा गतिविधि में भी भाग लेना होगा, ताकि वह स्वयं भी दूसरों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित कर सके।
नया हेलमेट खरीदने पर चालानी कार्रवाई से राहत
जशपुर पुलिस बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने वाले लोगों को भी जागरूक करने का प्रयास कर रही है। पुलिस की पहल के तहत यदि वाहन चालक नया हेलमेट खरीदकर उसकी रसीद प्रस्तुत करता है, तो बिना चालानी कार्रवाई किए उसकी मोटरसाइकिल वापस की जा रही है।
इसका उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि लोगों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
हेलमेट रैली और बाजारों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस जिलेभर में सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसके तहत हेलमेट रैली निकाली जा रही है। पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दे रही हैं।
अभियान के दौरान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के सात वचनों का संकल्प दिलाया जा रहा है। इसमें स्वयं हेलमेट पहनना, पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना, यातायात संकेतों का पालन करना, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना जैसे महत्वपूर्ण संदेश शामिल हैं।
गुजरात से लौटे पुलिस मितानों से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल होकर लौटे जशपुर पुलिस के पुलिस मितानों से भी सौजन्य भेंट की। उन्होंने इस गौरवपूर्ण आयोजन में उनकी सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
जशपुर पुलिस का संदेश – हर हेड में हो हेलमेट
जशपुर पुलिस का कहना है कि हेलमेट बैंक केवल हेलमेट उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी विकसित करने की पहल है। पुलिस जनप्रतिनिधियों, पुलिस मितानों और आम नागरिकों के सहयोग से इस अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय स्वयं हेलमेट पहनें और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट जरूर पहनाएं। यातायात नियमों का पालन कर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।











