*खनिज तस्कर की राजनैतिक रसूख के आगे राजस्व विभाग के नुमाइंदे हुए नतमस्तक?













कुख्यात खनिज तस्करों पर हाथ डालने से प्रशासन के कांप रहे हैं हाथ?
हस्तक्षेप के बाद मौके पर पहुंचे राजस्व विभाग के नुमाइंदों ने खनिज तस्कर को बचाने जांच पंचनामा में कर दी लीपापोती??
अवैध उत्खनन स्थल के खसरा नंबर व खनिज तस्कर का नाम जांच पंचनामा से गायब , जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर नदारद….!!
कार्यवाही को लगभग एक पखवाड़े बीतने को आया मगर कोटवार की सुपुर्दगी में रखे गए वाहन अब भी उत्खनन स्थल पर खड़े हैं?…
खनिज माफियाओं के जप्त वाहन कोटवार की सुपुर्दगी में है कितने सुरक्षित? आखिर कार्यवाही के 01 सप्ताह बीतने के बावजूद माइनिंग विभाग या संबंधित थाने में गाड़ी क्यों नहीं भेजा गया??…
खनिज का दोहन करते हुए ब्रेकडाउन दूसरी पोकलेन भी वहीं पर खड़ी हिंदू पंचनामा में उल्लेख क्यों नहीं ?
“””सक्षम अधिकारी(एसडीएम)के आदेश पर बीते शनिवार को आरआई और पटवारी मौके पर पहुंचकर किए थे एक जीप और एक पोकलेन की जप्ती पंचनामा “
बरमकेला:- नवगठित जिला सारंगढ़- बिलाईगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सारंगढ़ मोनिका वर्मा के आदेश पर तहसीलदार के मार्गदर्शन में सरिया आर आई और पटवारी बरमकेला जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत गिरहुलपाली के आश्रित ग्राम मुंगलीपाली में आमाकोनी रोड पर लगभग 01किलोमीटर आगे स्थित पुल के पास स्थित मरघट और नाले के पास की भूमि पर धड़ल्ले से पोकलेन लगाकर खनिज पत्थर (डोलोमाइट) का अवैध उत्खनन और परिवहन करने की बीते पखवाड़े की शनिवार को जानकारी प्राप्त हुई थी जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि गौण खनिज उत्खनन के संबंध में सक्षम अधिकारी सारंगढ़ एसडीएम को सूचना देने के 3 से 4 घंटे बीत जाने के बावजूद मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे हैं! ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी की गंभीरता को संज्ञान में लेकर खबर प्रकाशित करने के लिए जब एसडीएम से चर्चा की गई तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मामले की सूचना तहसीलदार को दे दी गई थी तथा कार्यवाही के संबंध में पूछ कर बता पाऊंगी! वही खबर लगते ही राजस्व विभाग के नुमाइंदे जांच के नाम पर लीपापोती करने के लिए तस्करों द्वारा किए जा रहे अवैध उत्खनन स्थल पर देर शाम पहुंचे तथा मौके पर आरआई, पटवारी और कुछ ग्रामीण भी उपस्थित थे किंतु मौका पंचनामा के समय ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि मौके पर उपस्थित नहीं थे और राजस्व विभाग के नुमाइंदों के द्वारा जांच पंचनामा और कार्यवाही के संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच को सूचना भी नही दी गई फिर कोटवार एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में एक जीप और एक पोकलेन सहित जीप मे रखें डीजल को जप्त किया गया! जबकि समाचारों में छपी तस्वीरों में मौके पर दो पोकलेन स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं किंतु एक ही पोकलेन को पंचनामा में जप्त बताया गया है तथा मौका पंचनामा में जिस भूमि पर अवैध उत्खनन पाया गया उस भूमि के खसरा नंबरो का उल्लेख भी नहीं है तथा भूस्वामी का नाम और कितने रकबा में किए गए अवैध उत्खनन इस बात का भी पंचनामा में उल्लेख नहीं किया गया है! खनिज पत्थर डोलोमाइट के कुख्यात तस्कर की राजनैतिक रसूख के आगे राजस्व विभाग की कार्यवाही बौनी प्रतीत हो रही है, कुल मिलाकर देखा जाए तो उपरोक्त औपचारिक कार्यवाही शायद आनन-फानन में अथवा जानबूझकर जांच पंचनामा में ही लीपापोती कर दी गई! मगर उससे भी ताज्जुब की बात यह है कि जिन जप्त किए गए वाहनों पर राजस्व विभाग के द्वारा कार्यवाही की गई उन वाहनों को ना तो खनिज विभाग को सुपुर्द किया गया है और ना ही थाने में गाड़ी को रखवाई गई है जबकि कार्यवाही पिछले शनिवार को हुई थी लगभग एक पखवाड़े बीतने को आ गया मगर वाहन अब भी कोटवार की सुपुर्दगी में मौके पर ही खड़ी है?
मौका पंचनामा में उत्खनन भूमि का खसरा नंबर उल्लेख न करना तथा वाहनों को थाने अथवा माइनिंग विभाग के सुपुर्द अब तक नहीं किया गया है जप्त वाहनों को कोटवार के सुपुर्द के लगभग एक पखवाड़े बीतने के बावजूद अभी वाहन अवैध उत्खनन स्थल पर अब भी कोटवार के देखरेख में खड़ा है तथा वाहनों को थाने अथवा माइनिंग विभाग के सुपुर्द अब तक नहीं किया गया है जो कि कई सवालों को जन्म देती है??
बहरहाल अब तक इस मामले में आम नागरिकों से लेकर विभागीय अधिकारियों को यह मालूम हो चुकी है कि शासन प्रशासन को भी दबे जुबान सहमती देने में किसी भी रूप में कोई आपत्ति नहीं है इसलिए अभी तक अनुविभाग के मुखिया की जानकारी में होने के बावजूद किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किया जाना कई सवालों को जन्म देती है?… क्या इस मामले की गंभीरता को मीडिया के माध्यम से जिले की संवेदनशील जिलाधीश महोदया क्या कोई कार्यवाही करवाने हेतू जॉच कमिटी गठित कर जॉच कराई जाती है या अन्य मामलों की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा??







