पंजीकृत वसीयनामा के गवाह मांग रहे हैं जमीन का बंटवारा







लैलूंगा :- इन दिनों रायगढ़ जिले के विकास खण्ड लैलूंगा के ग्राम बगुडेगा से एक अजीबो गरीब मामला प्रकाश में आई है । जो कि मुन्ना सोनी आत्मज शिवप्रसाद सोनी नामक एक व्यक्ति को सन 1975 – 76 से इंजोर सिंह आत्मज सरधाराम जाति सोनार निवासी ग्राम बगुडेगा तहसील एवं थाना लैलूंगा जिला – रायगढ़ (छ.ग.) का कोई पुत्र – पुत्री नही होने के कारण इसलिए इंदरकुंवर बेवा इंजोर सिंह के देवर शिवप्रसाद का सुपुत्र मुन्ना आत्मज शिवप्रसाद आयु 35 वर्ष जाति सोनार साकिन बगुडेगा को 03 फरवरी 2007 से विगत 30 वर्ष पूर्व गोद लेकर रखे थे । तब से मुन्ना उसके बड़ी माँ इंदर कुंवर के साथ ही रहता था । बचपन से मिन्ना की परवरीश इंदरकुंवर ने ही की है । वहीं इंदर कुवर का यह कहना था कि उसके साथ रहकर उसकी सेवा जतन किया है । जबकी उसकी आयु अधिक हो गई थी । और उसकी मृत्यु कभी भी हो सकता था । इसलिए इंदर कुंवर ने उचित समझते हुए, उसकी समस्त चल – अचल संपत्ति की ऐसी व्यवस्था कर दी जो की कभी नष्ट ना हो और उसे लेकर उसके अन्य रिस्तदारों में कोई वाद विवाद ना हो इसलिए उसने उसके गोद पुत्र मुन्ना को इंदर कुंवर ने एक अंतिम इच्छा पत्र लिखकर दे है । जो कि उसने उसके मृत्यु तक समस्त चल अचल संपत्ति की मालिक स्वयं इंदर कुंवर थी । उन्होंने मृत्यु के पश्चात क्रियाकर्म तथा उसकी ॠण इत्यादि को मुन्ना के द्वारा भुगतान करने की बात को स्पष्ट गोदनामा – इच्छा पत्र पर अंकित किया गया है । तथा इंदर कुंवर के कथनानुसार समस्त चल अचल संपत्ति का एक मात्र स्वत्वाधारी उसके गोद पुत्र मुन्ना ही होगा तथा इंदर कुंवर के मृत्यु के पश्चात मुन्ना के अतिरिक्त किसी अन्य का कोई स्वत्व या अधिपत्य नही रहेगा यदि कोई प्रतर्शित करे तो वह नाजायज तथा शून्य होगा इस बात का जिक्र स्पष्ट शब्दों में किया गया है । इसके पूर्व मे भी एक गोदनामा इंदर कुंवर के द्वारा मुन्ना के पक्ष में गाँव के गणमान्य व्यक्तियों तथा पंच सरपंच के समक्ष निष्पादित किया गया था । जबकी दिनांक 03 फरवरी 2007 को अजय कुमार शर्मा समक्ष नोटरी लैलूंगा के बकलम सत्यनारायण दास महंत के समक्ष इंदर कुंवर ने कही की वह उसकी अंतिम इच्छा पत्र है । इसके पूर्व उसने और कहीं पर अंतिम इच्छा पत्र निष्पादित नही की है । इच्छा पत्र में गवाह/साक्षियों के निम्नानुसार है सभी ग्राम बगुडेगा निवासी 1. तुलसी राम राठिया, 2. झाखर राठिया, 3. कृष्ण मदन सारथी, 4. रविधन राठिया आदि गवाही थे । वहीं अब बात रही रजिस्टर्ड वसीयनामा की तो दिनांक 24 फरवरी 2014 को उप पंजीयक कार्यालय घरघोड़ा में स्वयं इंदर कुंवर पति स्व. इंजोर सिंह उम्र 70 वर्ष जाति सोनार निवासी बगुडेगा, विकास खण्ड व तहसील लैलूंगा, जिला – रायगढ़ (छ.ग.) ने वसीयतनामा – इच्छा पत्र में इंदर कुवंर ने निष्पादित की है । जिसमें मुन्ना सोनी की भाई बहु मीना सोनी तथा आत्मा राम नामक व्यत्ति ( पंजीकृत ) रजिस्टर्ड वसीयतनामा इच्छा पत्र में गवाही हैं । वे उपरोक्त भूमि को पैतृक संपत्ति कह कर हिस्सा बंटवारा मांग रहे हैं जो कि वह संविधान के विपरीत है । जबकी उक्त भूमि मुन्ना सोनी के पिता शिवप्रसाद सोनी तथा उसके पिता सुधाराम सोनी के भी पैतृक संपत्ति नही है । यह इंदरकुंवर बेवा इंजोर सिंह सोनी का अर्जित संपत्ति है यह मिसल में सन् 1926 – 27 में दर्ज है एवं सन् 1972 के अधिकार अभिलेख में भी अर्जित संपत्ति दर्ज है ।







