लैलूंगा विधानसभा की प्रतिस्पर्धा 20 साल बाद इस वर्ष होगी बहुत रोचक।


रायगढ़। लैलूंगा विधान सभा में जहा दोनो ही राष्ट्रीय पार्टी ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा की विधानसभा की जनता को 2003 के चुनाव की याद के साथ 20 वर्षो का इतिहास खगलाना आरंभ कर दिया है। प्रदेश के प्रथम चुनाव में जहा भारतीय जनता पार्टी से दल बदल कर कांग्रेस में आए स्व प्रेम सिंह सिदार को कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनया था वही भारतीय जनता पार्टी ने स्व प्रेम सिंह सिदार के खासम खास सत्यानंद राठिया को अपना प्रत्याशी बनाया लैलूंगा विधान सभा की जनता के लिए वह चुनाव काफी अस्मजाश्य भरा रहा दोनो ही प्रत्याशी बीजेपी के कार्यकर्ताओ को भली भाती जानते थे और कांग्रेस के कार्यकर्ताओ को पूछ परख उस चुनाव में सच कहूं तो बिल्कुल ही ना के बराबर थी ।जब परिणाम आया तो बीजेपी के सत्यानंद राठिया को लगभग 5 हजार के करीब मतो से विजय प्राप्त हुबी और उन्हें विधान सभा का पहला मंत्री बनने का शोभागय मिला।2008 के चुनावो से पूर्व स्व प्रेम सिंह सिदार जी का देहांत उपरांत जहा कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रत्याशी के रूप में लैलूंगा क्षेत्र से हृदय राम राठिया को प्रत्याशी बनया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 2003 में अपने पूछ परख का अंदाजा लगा कर पूरे जी जान से मेहनत कर भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर मंत्री को लगभग 14 हजार मतों से हारकर भारतीय जनता के 20 वर्षो के अभेद किला को ध्वस्त किया।अपने अति उत्साही व्यवहार के कारण 2013 जहा हृदय राम राठिया को बीजेपी प्रत्याशी श्रीमती सुनीती राठिया से वही लगभग 14 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा।2018 के चुनाव में जहा हृदय राम राठिया ने तात्कालिक राजनीति उठापटक के चलते कांग्रेस पार्टी छोड़ कर जोगी कांग्रेस का दामन थामा तो कांग्रेस ने लैलूंगा क्षेत्र के चक्रधर सिंह सिदार पर विश्वाश जाता कर उन्हें अपना प्रत्याशी बनया बीजेपी ने अपने वर्तमान विधायक के जगह उनके पति सत्यानंद राठिया को प्रत्याशी बनया जनता ने कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी चक्रधर सिंह सिदार को लगभग 25 हजार मतों से जिताया ।लैलूंगा विधानसभा के 20 वर्षो का इतिहास के अनुसार अभी तक कोई भी प्रत्याशी रिपीट नही हुआ है विगत चार चुनावो का अवलोकन करने पर ज्ञात होगा को की जहा प्रथम बार सत्यानंद राठिया ,दूसरी बार चक्रधर सिंह सिदार,तीसरी बार सुनती राठिया तो चौथी बार चक्रधर सिंह सिदार ने विधान सभा की सदस्यता की शपथ ली जहा भारतीय जनता पार्टी ने विगत 20 वर्षो से एक ही परिवार पर विश्वाश जताते हुवे सुनीति राठिया को प्रत्याशी घोषित किया तो कांग्रेस पार्टी ने इस विधान सभा पर अच्छे से होम वर्क कर प्रत्याशी बदलने में कोई झिझक ना करते हुवे वर्तमान विधायक चक्रधर सिंह सिदार की टिकट काट कर पूर्व विधायक स्व प्रेम सिंह सिदार की पुत्र वधु पर विश्वाश जताते हुवे उन्हे अपना प्रत्याशी घोषित किया है।कांग्रेस पार्टी का यह साहसिक निर्णय का आधार चक्रधर सिंह सिदार का कुशल व्यक्तिव है कांग्रेस पार्टी भली भाती जानती है की चाहे कुछ भी हो चक्रधर सिंह सिदार की निष्ठा सदैव ही कांग्रेस पार्टी पर बने रहेगी।वही दबे स्वर कुछ विरोध के चिंगारी भी लैलूंगा विधानसभा पर सुलग रहे है जो 20 वर्ष पूर्व स्व प्रेम सिंह सिदार का विरोध किए थे वो क्या वर्तमान प्रत्याशी विद्यावती के साथ विश्वशघात नही करेंगे।क्या जो गलती स्व प्रेम सिह सिदार ने की थी क्या वो गलती करने से गुरेज वर्तमान कांग्रेस प्रत्याशी करेगी क्या अपने ससुर जी का हार का बदला ले ने में सफल हो पायेगी वर्तमान कांग्रेस प्रत्याशी इन सभी सवालों का जवाब बहुत जल्द विधानसभा चुनावों के परिणाम आने पर सभी को हो ही जवेगा।







