


महिलाओं के प्रति बने रूढ़िवादी सोच को खत्म करने की पहल खुद से होनी चाहिए
-महिलायें अब कर रही हैं देश और दुनिया में नाम रौशन

- पोस्टर प्रदर्शनी और फिल्म शो का आयोजन
- अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हुआ कार्यक्रम
लैलूँगा। कुंजारा स्थित संत गहिरा गुरु रामेश्वर शासकीय महाविद्यालय के सभागार में कॉलेज प्रबंधन और अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राध्यापक मुकेश कुमार के बीज वक्तव्य से शुरू हुआ। कार्यक्रम के तहत देश और दुनिया की महान महिला शख्सियत के पोस्टर की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने अवलोकन किया। जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने प्रश्न पोस्टर पर अपनी अभिव्यक्ति भी दर्ज की। पोस्टर प्रदर्शनी के बाद सभी ने महिला के संघर्षों पर आधारित शार्ट फिल्म जूस को देखा और इसके बाद कई सवाल रखे गए, फिल्म कैसी लगी? किस तरह के भेदभाव को दर्शाया गया है। छात्र – छात्राओं ने इस दौरान अपनी अभिव्यक्ति को आज के सदर्भों से जोड़कर रखा। जिसमें महिलाओं को कैसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक बराबर की भागीदारी सुनिश्चित हो सके, इस पर छात्र-छात्राओं ने अपनी राय व्यक्त की। प्राध्यापक मुकेश कुमार ने ‘मैं नारी हूँ’ कविता पाठ किया और आज के सामाजिक हालत पर बातचीत की। प्राध्यापक लक्ष्मी कुजुर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। आज महिलायें कई क्षेत्रों में आगे हैं। फिर भी आज समाज में महिलाओं को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। छात्रा वर्षा और हेमंती ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक भेदभाव से गुजरना पड़ता है। हमें पहले रूढ़िवादी सोच को खुद से और अपने घर से खत्म करना होगा, तभी हम समाज से खत्म कर सकते हैं। कार्यक्रम में यह भी सवाल रखा गया कि आज आप किन-किन रूढ़िवादी विचार को बदलना चाहते हैं, इस पर सभी छात्र – छात्राओं ने अपने विचारों को लिखित रूप से भी दर्ज किया। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम महिलाओं में निवेश : प्रगति में तेजी लाना के मायने पर भी विचार प्रगट किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में प्राध्यापक करण कुमार राठिया, सुकान्ति सिंह, डोलामानी सदावर्ती, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य पार्थ, पंकज, भरत, खुलेश्वर शामिल रहें।







