
जिला प्रशासन के अधिकारी इस बार हर्बल गुलाल के रंगों से अपने परिवार के लोगों के साथ होली का पर्व मनाएंगे

विनय सिंह
बेमेतरा बिहान समूह के माध्यम से जुड़े जय मां सिद्धि महिला स्व-सहायता समूह ग्राम पंचायत महिदही विकासखंड साजा तैयार किए गए हर्बल ग़ुलाल उत्पादों का विक्रय करने के लिए आज जिला कार्यालय परिसर बेमेतरा में स्टॉल लगाया गया।कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री टेकचन्द्र अग्रवाल सहित अधिकारियों ने बड़े ही उत्साह के साथ स्व-सहायता समूह की महिलाओं से तक़रीबन 5000 रुपये के हर्बल गुलाल खरीदें। उनके सभी हर्बल गुलाल बिक गये थे। कलेक्टर श्री शर्मा ने अधिकारी इस बार हर्बल गुलाल के रंगों से अपने परिवार के साथ होली का पर्व मनाने का आग्रह किया।
*अधिकारियों ने कहा कि इस बार हम सभी लोग हर्बल गुलाल से होली का पर्व मनाएंगे। जिले में इस बार होली को लेकर बिहान समूह से जुड़े महिलाओं के द्वारा हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है। स्व सहायता समूह की स्वरोजगार से जुड़ी महिलाएं दिन-रात हर्बल गुलाल तैयार करने में लगी है। इस गुलाल को लगाने से जहां चेहरे पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। महिला स्व-सहायता समूह के जरिए में तैयार किए जा इन हर्बल गुलाल और हर्बल रंग की कई विशेषताएं हैं। इसमें फूलों के रंग का इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं गुलाल और रंग में महक के लिए भी फूलों का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसमें किसी भी तरह का केमिकल नहीं मिलाया जाता है, जो नुकसान करे। इसी वजह से जिला स्तरीय अधिकारी हर्बल गुलाल खरीदनें में पीछे नहीं रहें।
जय मां सिद्धि महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य ने बताया कि समूह की महिलाओं ने चुकंदर, पालक, हल्दी, पलाश के फूल, अरारोट सहित अन्य सामग्रियों से गुलाल बनाए है। इससे किसी भी प्रकार का साईड इफेक्ट त्वचा में नहीं होगा। अधिकारियों ने गुलाल खरीदें है। समूह की महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण प्रशिक्षकों के द्वारा दिया गया है। *
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला श्री टेकचन्द्र अग्रवाल ने बताया कि समूह से जुड़ी महिलाओं को उनकी अभिरुचि और स्थानीय बाजार माँग और समय को देखते हुए विभिन्न कार्यों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कई तरह के प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि महिलाएं घर बैठे ही स्वरोजगार से जुड़ सके हैं और उसका लाभ ले सकें। कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिए जा रहे है। उन्होंने बताया की अभी होली आने वाला है इसलिए महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाएं अपने गांव में घरों में एक साथ बैठकर आरारोट और नेचुरल रंग से हर्बल गुलाल तैयार कर रहे हैं। इस हर्बल गुलाल को बाजार में बिक्री के बाद महिलाओं को काफी फायदा होगा और उन्हें घर बैठे स्वारोजगार भी मिलेगा, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगी।







