
रायगढ़ 07 जून। जंगल कटाई और विस्थापन का मुद्दा गरमाया, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
पेलमा जनसुनवाई पर उठे सवाल, कई गांवों के भविष्य को लेकर चिंता
पेलमा में खदान परियोजना का विरोध, कांग्रेस पार्षद योजना शिवशंकर पैंकरा बोले— “ओपी चौधरी चुप क्यों?”
जंगल कटेंगे, गांव उजड़ेंगे! पेलमा मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा आरोप
पेलमा में जनआक्रोश, जंगल कटाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
पेलमा विवाद: ग्रामीणों की चिंता बढ़ी, ओपी चौधरी पर विपक्ष का निशाना
रायगढ़ जिले के पेलमा क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। जंगल कटाई और जनसुनवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लैलूंगा के कांग्रेस पार्षद योजना शिवशंकर पैंकरा ने प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पेलमा सहित कई गांवों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी समझ से परे है।
पेलमा में प्रस्तावित खनन परियोजना के लिए आयोजित जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र में विरोध के स्वर उठ रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि परियोजना के कारण बड़े पैमाने पर जंगल कटाई होगी, जिससे पर्यावरण और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होगा।
इसी मुद्दे को लेकर लैलूंगा के कांग्रेस पार्षद योजना शिवशंकर पैंकरा ने सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन परियोजना के चलते पेलमा समेत आसपास के कई गांवों के उजड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
बाइट –पार्षद योजना शिवशंकर पैंकरा
“पेलमा में हो रही जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। जंगलों की कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा और कई गांवों के लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि रायगढ़ के विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी इस गंभीर मुद्दे पर आखिर चुप क्यों हैं? जनता जवाब चाहती है।”
पैंकरा ने कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं और उनकी आजीविका से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जनसुनवाई में ग्रामीणों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए तथा पर्यावरण और स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी जाए।
फिलहाल पेलमा परियोजना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। अब देखना होगा कि सरकार और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की चिंताओं पर क्या रुख अपनाते हैं।








