पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा, रायगढ़

घरघोड़ा/रायगढ़:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के अध्यक्ष श्री जितेंद्र जैन जी के तत्वावधान एवं तालुका विधिक सेवा समिति घरघोड़ा के अध्यक्ष श्री शहाबुद्दीन कुरैशी जी के दिशा-निर्देशन में ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ के अवसर पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा परिसर में आयोजित इस शिविर में पैरालीगल वालिंटियर्स (PLVs) बालकृष्ण चौहान एवं टीकम सिंह सिदार के साथ-साथ क्षेत्र के प्रतिधारक अधिवक्ता ममता लकड़ा, तथा अधिवक्ता मंजली मिश्रा, एवं पंकज शर्मा ने सक्रिय रूप से भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को बाल श्रम के खिलाफ कानून और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।बच्चों के लिए कानूनी अधिकार और सुरक्षाशिविर में उपस्थित अधिवक्ताओं और विधिक स्वयंसेवकों ने बहुत ही सरल भाषा में नागरिकों को बच्चों से जुड़े प्रमुख कानूनों की जानकारी दी:बाल श्रम पर रोक: कानूनन 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का काम या मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है।मुफ्त शिक्षा का अधिकार: संविधान के अनुसार 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा पाने का मौलिक अधिकार है।सुरक्षा का अधिकार (पोक्सो एक्ट): बच्चों को हर प्रकार के शारीरिक और मानसिक शोषण से बचाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।नालसा (NALSA) की कल्याणकारी योजनाएंशिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की उन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया, जो बच्चों और कमजोर वर्गों के हित में काम करती हैं:निःशुल्क कानूनी सहायता: महिलाओं, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को कोर्ट-कचहरी के मामलों के लिए मुफ्त सरकारी वकील और कानूनी सलाह दी जाती है।बाल संरक्षण योजना: संकट में घिरे, अनाथ या बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को कानूनी मदद और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नालसा विशेष रूप से कार्य करता है।कार्यक्रम के अंत में आगामी नेशनल लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी गई तथा नालसा हेल्प लाइन नंबर 15100 के बारे में प्रचार प्रसार किया गया।







