जगदलपुर। नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का उत्सव नए उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार बस्तर संभाग के 93 गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के प्रभाव के कारण राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन चुनौतीपूर्ण रहा था।

नक्सलमुक्त इलाकों में बदली तस्वीर
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर के उन इलाकों में भी अब तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ लहरा रहा है, जहां कभी नक्सली गतिविधियों के कारण राष्ट्रीय पर्व मनाना मुश्किल था।
गांव-गांव पहुंची लोकतांत्रिक व्यवस्था
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस बार बस्तर के शत-प्रतिशत क्षेत्रों में स्वतंत्रता दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर आए क्षेत्रों में अब भारत के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहुंच मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के बाद नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों के दौरान तिरंगा फहराने की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पांच राष्ट्रीय पर्वों से लगातार मजबूत हुआ तिरंगे का गौरव
विजय शर्मा ने बताया कि पिछले पांच राष्ट्रीय पर्वों के दौरान नक्सल प्रभावित और नक्सलमुक्त क्षेत्रों में राष्ट्रध्वज फहराने की परंपरा को लगातार आगे बढ़ाया गया है। इस वर्ष 93 गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया जाना बस्तर में बदलते हालात और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तिरंगे का गांव-गांव पहुंचना केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने की शुरुआत नहीं, बल्कि शांति, विकास, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की मजबूत होती पहुंच का भी संदेश है।






